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विकास की मांग को लेकर सारणी बंद:मुख्यमंत्री को यूनिट लगाने की घोषणा याद दिलाने और उजड़ते शहर को बचाने दुकानों पर लटके ताले

बैतूलएक महीने पहले
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बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन एक साल बाद भी विकास जमीं पर नहीं आ पाया। - Dainik Bhaskar
बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन एक साल बाद भी विकास जमीं पर नहीं आ पाया।

विद्युत नगरी सारनी और कोयलांचल पाथाखेड़ा मंगलवार को बंद हैं। मुख्यमंत्री द्वारा यूनिट लगाने की घोषणा को याद दिलाने के साथ शहर को उजड़ने से बचाने के लिए तीन संगठनों ने बंद का आव्हान किया था। इनमें व्यापारी संगठन ने स्वेच्छा से बंद का ऐलान किया था। संघर्ष मोर्चा यहां पिछले 3 महीने से पोस्टकार्ड अभियान चला रहा था।

सारनी क्षेत्र को बचाने के लिए सतपुड़ा व्यापारी संघ, युवा संघर्ष मंच एवं सामाजिक संगठन की पहल पर एक दिन का बंद का आह्वान क्षेत्र के व्यापारियों से किया था। इसमें सारनी, पाथाखेड़ा, शोभापुर, कालीमाई, बगडोना के व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे हैं।

सतपुड़ा व्यापारी संघ के अध्यक्ष अरविंद सोनी और विश्व हिंदू परिषद के सुनील भारद्वाज के मुताबिक उजड़ते शहर को बचाने के लिए सभी लोगों को एकजुट किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा यूनिट लगाने की घोषणा को याद दिलाने के लिए एक दिन का बंद का आह्वान किया गया है।

युवा संघर्ष मंच के अशोक पचोरिया ने बताया कि क्षेत्र के हर नागरिक को अपने शहर को बचाने के लिए योगदान देना होगा। तब ही यह शहर पुनः विकास की राह पर दौड़ सकेगा। इधर, कोयलांचल क्षेत्र के पाथाखेड़ा के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. कृष्णा मोदी ने सारनी बचाने के लिए अपना समर्थन दिया है। इसके पहले वे लगातार 7 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं। तीन महीने से यहां युवा संघर्ष मंच द्वारा एक चिट्ठी सीएम के नाम पोस्टकार्ड अभियान चला रहा था।

पूरा हुआ एक साल, हुआ कुछ नहीं
एक साल पहले 12 दिसंबर को सारनी नगर के समग्र विकास के अंतर्विभागीय कार्यशाला विधायक आमला डॉ. योगेश पण्डाग्रे की पहल पर आयोजित की गई थी। जिसमें सारणी का नूर लौटा लाने के बड़े-बडे दावे किए गए थे। सारनी एवं पाथाखेड़ा क्षेत्र के समग्र विकास पर विचार मंथन पर आयोजित इस कार्यशाला में सांसद डीडी उइके, पूर्व विधायक हेमंत खण्डेलवाल, पूर्व कलेक्टर राकेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, व्यापारिक प्रतिनिधियों सहित पावर प्लांट व वेस्टर्न कोल फील्ड्स के अधिकारियों ने भाग लिया था।।

यह किया था वादा और दावा
कार्यशाला में सारनी के समीप स्थित सुखाढाना-चोरडोंगरी में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के विकास पर विस्तृत चर्चा की गई थी। यहां औद्योगिक विकास के बेहतर वातावरण तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। कार्यशाला में कहा गया था कि सारनी-पाथाखेड़ा में थर्मल पावर स्टेशन व कोल फील्ड्स में उपयोग किए जाने वाली आवश्यक सामग्री को स्थानीय उद्यमियों से तैयार करवाकर प्रदाय कराने के प्रयास किए जाएं। इसके अलावा खाद्य प्रसंस्करण एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित अन्य उद्यम भी यहां स्थापित करने के प्रयास किए जाएं।
बैठक में मौजूद उद्यमियों से आवश्यक सुझाव लेते हुए महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र को निर्देशित किया गया था कि वे आगामी दिनों में एक शिविर आयोजित कर यहां उद्यमियों से उद्यम स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव लें। साथ ही उन्हें शासन से उद्यम स्थापित करने के लिए मिलने वाली आवश्यक सहूलियतों एवं अनुदान से भली-भांति परिचित कराए। इसके अलावा उद्यमों की स्थापना के लिए आवश्यकतानुसार इस औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध भूमि के अतिरिक्त भी जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

660 मेगावाट यूनिट की स्थापना की स्थिति पर चर्चा
बैठक में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में 660 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल यूनिट की स्थापना के संबंध में प्रभारी मुख्य अभियंता राजीव श्रीवास्तव से चर्चा की गई थी। साथ ही इसकी स्थापना की प्रगति पर भी जानकारी प्राप्त की गई थी। लेकिन हुआ कुछ नहीं।

बस स्टैंड सुविधापूर्ण बनाया जाए
बैठक में सारनी के बस स्टैंड को सर्वसुविधापूर्ण बनाने के ताप विद्युत गृह के प्रबंधन एवं नगरपालिका को निर्देश दिए गए थे। साथ ही बस स्टैंड के विकास के लिए दुकानों के निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण में आ रही दिक्कत को नियमानुसार दूर करने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया था।

जलकुंभी उन्मूलन पर हुुुई थी चर्चा
सारनी स्थित तवा जलाशय में फैल रही जलकुंभी की स्थिति पर कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों द्वारा चिंता व्यक्त की गई थी। कहा गया था कि हर हालत में जलकुंभी का उन्मूलन कर डेम को बर्बाद होने से रोका जाए। संबंधित अधिकारी जलकुंभी उन्मूलन की विस्तृत एवं किफायती कार्ययोजना तैयार करें। मछुआ समुदाय को भी इस बांध से जोड़ा जाए। इस दौरान सांसद श्री उइके द्वारा कार्यशाला में पूर्व में हुए जलकुंभी उन्मूलन के कार्य पर असंतोष व्यक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि पूर्व की विसंगतियों को दूर करते हुए नए सिरे से कार्ययोजना तैयार की जाए। तत्कालीन कलेक्टर ने कहा था कि एक्सपर्ट ग्रुप गठित कर जलकुंभी उन्मूलन पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी। लेकिन समाजसेवियों की पहल के अलावा प्रशासनिक स्तर पर कुछ नहीं हुआ।

शासकीय आवासों से चोरी रोकने के निर्देश
कार्यशाला में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के परिसर में निर्मित शासकीय आवासों के नुकसान एवं सामग्रियों की चोरी होने पर विधायक डॉ. पंडाग्रे ने गहरी नाराजगी जताई थी। साथ ही कहा था कि रिक्त पड़े अनुपयोगी आवास अन्य विभागों के शासकीय कर्मचारियों को आवंटित करने की नीति तैयार की जाए, ताकि आवासों को नुकसान न पहुंचे एवं वे शासकीय कर्मचारियों के उपयोग में आ सकें।

सीएसआर मद से होने वाले कार्यों में पारदर्शिता हो
कार्यशाला में सतपुड़ा थर्मल पावर प्लांट अंतर्गत सीएसआर मद से किए जाने वाले विकास कार्यों को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए थे। जनप्रतिनिधियों द्वारा कहा गया था कि डब्ल्यूसीएल एवं पावर हाउस द्वारा संचालित किए जाने वाले सीएसआर कार्यों में उनकी राय भी शामिल की जाए।

पर्यटन स्थलों का विकास रहा कार्यशाला में विशेष मुद्दा
कार्यशाला में सारनी क्षेत्र में स्थित सतपुड़ा जलाशय, मठारदेव पहाड़ी, भोपाली धार्मिक स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई थी। इसके अलावा सारनी के समीप स्थित बॉटनीकल गार्डन एवं अन्य पर्यटन सुविधाओं के विकास की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे।