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पर्यावरण के दुश्मन चला रहे कुल्हाड़ी:रामटेक पहाड़ी से अज्ञात काट रहे पेड़, पौधा राेपण करने वालाें ने जताई नाराजगी, पेड़ाें की सुरक्षा की रखी मांग

बैतूलएक महीने पहले
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  • अवैध कटाई राेकने और सात हजार पाैधाें की सुरक्षा को लेकर सौंपा आवेदन
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हसलपुर ग्राम पंचायत में स्थित रामटेक पहाड़ी काे हरा-भर करने समाजसेवी और सरकारी अमला पौधरोपण कर रहा है, लेकिन पिछले तीन सालाें के दाैरान लगे इन पाैधाें की देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था नहीं हाेने के कारण लाेग काट कर ले जा रहे हैं। इससे पौधरोपण करने वालाें में नाराजगी है।

गायत्री परिवार के सदस्यों ने तहसीलदार और वन परिक्षेत्र अधिकारी काे आवेदन देकर पाैधाें की सुरक्षा की गुहार लगाई। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए वन विभाग और रक्षा विभाग की भूमि पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, भूतपूर्व सैनिक संगठन, वायु सेना कर्मचारी, राजस्व विभाग, वन मंडल और आमला नगर के विभिन्न स्कूलों के हजारों छात्रों ने परिश्रम कर ग्राम पंचायत हसलपुर की रामटेक पहाड़ी को पुनः सघन वन बनाने के लिए 2017 से अब तक सात हजार पौधे रोपे, जो पेड़ बनते जा रहे थे।

इससे बंजर पहाड़ी भी हरी भरी नजर आने लगी थी। बीते दिनाें कुछ लाेगाें ने पहाड़ी पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं हाेने के कारण पेड़ाें काे कटाई कर दी। इससे पौधा राेपण करने वालाें में नाराजगी है। उनका कहना है कि वे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल कर रहे हैं, लेकिन कुछ लाेग उसे काट कर ले जा रहे हैं। वन विभाग व सरकारी तंत्र इसकी देखरेख भी नहीं कर पा रहा है। 

रामटेक पहाड़ी काे आरक्षित वन घोषित करने की मांग
गायत्री परिवार के नीलेश मालवीय ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुलताई के नाम तहसीलदार और वन परिक्षेत्र अधिकारी को एक आवेदन देकर पाैधाें और पेड़ाें की कटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने अाैर पेड़ाें की सुरक्षा की मांग रखी। मालवीय ने कहा कि इस साल 2100 पौधों को सामाजिक दूरी के साथ लगाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है, लेकिन यहां पर लगे हरे भरे पौधे जो कि करीब पांच से सात फीट की ऊंचे हाे चुके थे, उनकी कटाई अज्ञात लाेगाें द्वारा की जा रही है।

पर्यावरण रक्षकों ने अधिकारियों से ग्राम पंचायत हसलपुर की रामटेक पहाड़ी से अवैध कटाई प्रतिबंधित करने और आरक्षित वन घोषित करने की मांग रखी। ताकि पौधारोपण का संकल्प अनवरत जारी रह सके। गायत्री परिवार के सदस्यों ने तहसीलदार और वन परिक्षेत्र अधिकारी काे आवेदन देकर पाैधाें की सुरक्षा की गुहार लगाई।

रामटेक पहाड़ी पर अब तक सात हजार पाैधाें का किया राेपण

रामटेक पहाड़ी पर 3 सालाें से अभियान चलाया जा रहा है। इसमें अखिल विश्व गायत्री परिवार, भूतपूर्व सैनिक संगठन, वायु सेना कर्मचारी, राजस्व विभाग, वन मण्डल व आमला नगर के विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र परिश्रम कर बंजर भूमि को सघन वन में तब्दील करने में जुटे हुए हैं। यहां पर अब तक 7 हजार के करीब पाैधाें राेपे जा चुके हैं।

इन पाैधाें से बंजर पहाड़ी हरी भरा नजर आने लगी थी। रामटेक की पहाड़ी पर हनुमान मंदिर है। यहां हनुमान जयंती पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। यह हरियाली सभी के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है, लेकिन कटाई हाेने से मेहनत पर पानी फिर रहा है। 

सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत
ग्राम पंचायत हसलपुर स्थित रामटेक पहाड़ी आमला से करीब 3 किमी दूर है। यह पहाड़ी वन विभाग और रक्षा विभाग की भूमि है। यहां पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में पौधा रोपण किया जा रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी और संबंधित डिप्टी रेंजर काे इस पौधा राेपण की जानकारी है, लेकिन इसकी बावजूद इन पाैधाें की सुरक्षा काे लेकर काेई पहल नहीं की जाती है।

लाेग पेड़ों की कटाई कर ले जा रहे हैं। क्षेत्र के लाेगाें ने वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था करने की बात रखी। उन्होंने बताया कि पूर्व में मवेशी चरने पर वन विभाग काे अावेदन देकर सुरक्षा व्यवस्था की मांग रखी गई थी, लेकिन काेई पहल नहीं हुई। 
आवेदन देखकर आगे निर्णय लेंगे 
 मुझे वाॅट्सएप पर आवेदन मिला है। पौधारोपण करने वाली संस्थाओंं ने पाैधाें के सरंक्षण की मांग की है। अावेदन पूरा पढ़ने के बाद बता दिया जाएगा। - नीरज कालमेघ, तहसीलदार, आमला 
अभी में मीटिंग में व्यस्त हूं
 मैं अभी मीटिंग में व्यस्त हूं, फ्री होकर आपसे संपर्क करता हूं। अमित कुमार साहू, वन परिक्षेत्र अधिकारी, आमला

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