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निजी अस्पतालों में मनमानी वसूली:फाइव स्टार अस्पतालों के बराबर रेट तय करने पर बवाल, काेर्ट में 2 याचिका दायर

बैतूलएक महीने पहले
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निजी अस्पतालों में मनमानी वसूली का मामला सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा जारी महंगे उपचार की लिस्ट को लेकर बवाल मच गया। सोशल मीडिया पर इसको लेकर जमकर विरोध जारी है, वहीं शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता इसे मुंबई के फाइव स्टार अस्पतालों के बराबर बता रहे हैं। इस संबंध में दो याचिकाएं दायर की गईं।

गुरुवार को पूर्व विधायक हेमंत खंडेलवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष बाबला शुक्ला ने कोविड सेंटर बनाए गए प्राइवेट अस्पतालों के लिए तय की गई लिस्ट के विरोध में कलेक्टर अमनवीर सिंह बैस से चर्चा की। वहीं अधिवक्ता अवध हजारे ने इसे लेकर अधिवक्ता गिरीश गर्ग की ओर से स्थायी लोक अदालत में वाद प्रस्तुत किया। जिसमे बैतूल कलेक्टर और सीएमएचओ को पार्टी बनाया है। वहीं कोविड उपचार में बरती जा रही लापरवाही को लेकर दूसरी याचिका अधिवक्ता गिरीश गर्ग ने स्वयं लगाई।

दूसरी याचिका में यह मुद्दे रखे

लोकउपयोगी सेवाओं की स्थाई लोक अदालत में दूसरी याचिका अधिवक्ता गिरीश गर्ग ने लगाई। इसमें कलेक्टर और सीएमएचओ को पार्टी बनाया। इसमें गंभीर लापरवाही, अस्पतालों में बेड की कमी, ऑक्सीजन की कमी, इससे आम जनता का भरोसा कम हो गया है।

डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी कम है। सेंपलिंग व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं है। प्राइवेट अस्पतालों में रेट लिस्ट प्रदर्शित करने वाले डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगाए हैं। बीमित कोविड मरीजों को कैशलेस उपचार सुविधा नहीं दी जा रही। खाली बेड केवल पोर्टल पर दिख रहे हैं। हकीकत में नहीं हैं। कोविड से मौत का वास्तविकता अांकड़ा कुछ और है सरकारी आंकड़ा काफी कम दिखाए जाने की आशंका है। सभी मामलों में कोर्ट स्वयं दस्तावेज बुलाकर इनका आंकलन करे।

याचिका में रेट लिस्ट को बताया मनमर्जी का

सीएमएचओ ने 5 मई को आदेश क्रमांक/ आईडीएसपी / 2021 / 5706 समस्त प्राइवेट डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेन्टर/ कोविड केयर सेंटर के लिए शुल्क दरे निर्धारित करते हुए आदेश दिए थे कि अपने नोटिस बोर्ड पर निर्धारित शुल्क लिस्ट चस्पा करे एवं निर्धारित शुल्क लेना सुनिश्चित करें।

कलेक्टर ने दरें संशोधित करने जारी किए आदेश

इधर कलेक्टर अमनवीर सिंह बैस ने उपचार शुल्क की लिस्ट की दरें संशोधित करने के आदेश जारी किए। इसके लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई। इसमें सीईओ जिला पंचायत एवं अपर कलेक्टर को शामिल किया। समिति सभी निजी अस्पतालों की दरों का विश्लेषण कर संशोधित दरों का निर्धारण करेगी।

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