पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आत्महत्या:बबली-पिंटू को माैत का कारण बताकर युवक ने लगाई फांसी

बैतूलएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • रामजीढाना के पास की घटना, प्रेम प्रसंग की आशंका

झल्लार थाना क्षेत्र के रामजीढाना गांव के पास शुक्रवार सुबह एक युवक ने प्रेम प्रसंग के चलते पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। युवक के पास मिले सुसाइड नोट में बबली तथा पिंटू को मरने का कारण बताया है। सुसाइड नोट पुलिस ने जब्त किया है। झल्लार थाना प्रभारी अजय सोनी ने बताया सुबह 8 बजे युवक के फांसी लगाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर शव पेड़ से उतारा। मृतक बैतूल के बिल्डर राजा सूर्यवंशी के पास काम करता था। ग्रामीणों ने उसका नाम गुलाब बताया था, लेकिन राजा सूर्यवंशी से पूछताछ में उसने युवक का नाम राम सिंह धुर्वे बताया है। युवक के पास से मिले सुसाइड नोट में मरने का कारण बबली और पिंटू को बताया है। पुलिस के अनुसार मामला प्रेस प्रसंग का लग रहा है। युवक ने जिस लड़की और लड़के का सुसाइड में जिक्र किया है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी। वहीं हैंड राइटिंग का भी मिलान किया जाएगा।

मृतक ने यह लिखा है सुसाइड नोट में
मृतक युवक ने थाना प्रभारी झल्लार के नाम लिखे सुसाइड नोट में बबली और पिंटू का जिक्र किया है। चार दिन हो गए मैंने खाना नहीं खाया। बबली और पिंटू मेरे मरने का कारण है। बबली मेरे साथ पांच साल रही यह सब जानते हैं। जब बबली ने ही मेरा साथ छोड़ दिया तो मैं किसके लिए जीयूंगा। मृतक युवक ने थाना प्रभारी से अनुरोध किया है कि इस बारे में दोनों से पूछताछ की जाए।

रामजीढाना के निवासी होने पर भी संदेह
मृतक रामसिंह कहां का रहने वाला है इस पर भी संदेह है। बिल्डर राजा सूर्यवंशी ने पुलिस को बताया कि मृतक रामजीढाना गांव का रहने वाला है। जबकि ग्रामीणों ने उसके रामजीढाना को होने से इनकार किया है। एएसआई आदेश वर्मा ने बताया मृतक चार दिनों से इसी गांव में घूमते हुए देखा गया है। टीआई ने बताया सुसाइड नोट में जिन नामों का जिक्र किया है। उनसे भी पूछताछ की जाएगी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- घर-परिवार से संबंधित कार्यों में व्यस्तता बनी रहेगी। तथा आप अपने बुद्धि चातुर्य द्वारा महत्वपूर्ण कार्यों को संपन्न करने में सक्षम भी रहेंगे। आध्यात्मिक तथा ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ने में भी ...

और पढ़ें