पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

पग-पग पर गड्ढ़े:600 मी. में 16 बड़े गड्ढे, इनसे बचे तो सड़क पर आवारा मवेशियों से टकराने का खतरा

हरदा22 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
हरदा। परशुराम से एसबीआई चौराहे तक गड्ढे ही  गड्ढे। बड़े वाहन निकलने के दौरान लग जाता है जाम। नई सब्जी मंडी राेड से जगह-जगह हुए गड्ढे। इनसेट : गड्ढों से बचकर निकलते हुए बाइक चालक। - Dainik Bhaskar
हरदा। परशुराम से एसबीआई चौराहे तक गड्ढे ही गड्ढे। बड़े वाहन निकलने के दौरान लग जाता है जाम। नई सब्जी मंडी राेड से जगह-जगह हुए गड्ढे। इनसेट : गड्ढों से बचकर निकलते हुए बाइक चालक।
  • शहर में रेंगते हुए चलता है ट्रैफिक, ओवरलोड वाहनों से हादसे होने का डर

शहर की सड़काें व चौराहों से वाहन ताे छोड़िए राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल है। सड़काें पर पग-पग पर गड्ढ़े और चाैक- चौराहों पर मवेशियों का डेरा है। सड़काें की हालत इतनी खराब है कि बचकर निकलना मुश्किल है। चालक वाहनों को गड्ढों से बचकर निकलते हैं ताे सड़काें पर डटे मवेशियों से टकराने का खतरा बना रहता है। सबसे अधिक खराब हालत नई सब्जी मंडी राेड, पुरानी सब्जी मंडी, छीपानेर राेड, नेशनल व स्टेट हाइवे की है।

इंदाैर-बैतूल नेशनल हाइवे काे जाेड़ने वाले परशुराम चाैक से नई सब्जी मंडी हाेते हुए एसबीआई चाैक तक करीब 600 मीटर की सड़क पर 16 जगह बड़े- बड़े गड्ढ़े हैं। वहीं छोटों की तो गिनती ही नहीं। बारिश में गड्ढे तालाब में तब्दील हाे जाते हैं।

इंदाैर- बैतूल आने-जाने वाले वाहन नई सब्जी मंडी से परशुराम चाैक हाेते हुए नेशनल हाइवे पर पहुंचते हैं। इस दौरान यहां से वाहन रेंगते हुए निकलते हैं। इसी रास्ते पर जगह-जगह मवेशी भी जमा हाेते हैं। इससे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

टेंडर हो चुके हैं, एक माह में सड़क बन जाएगी

वारा मवेशी गांवाें में फसलाें काे नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे ग्रामीण मवेशी शहर की सीमा में छाेड़कर जा रहे हैं। इस समस्या के लिए प्रशासन के अधिकारियों काे अवगत कराकर निराकरण कराया जाएगा। सड़काें का निर्माण बारिश खत्म हाेते ही एक माह में करा दिया जाएगा। टेंडर हाे चुके हैं।
सुरेंद्र जैन, नगर पालिका अध्यक्ष, हरदा

डस्ट से भरवा दिए थे गड्‌ढे, फिर वही हालत

कांग्रेस ने 7 अगस्त काे बदहाल सड़क काे लेकर आंदोलन किया था। इसी दिन नगर पालिका ने शहर की सड़काें काे भरवा दिया, लेकिन स्थिति जस की तस हाे गई है। अब ताे भारी वाहनों की वजह से धूल उड़ रही है। इससे आसपास के दुकानदारों की परेशानी और बढ़ गई है। नपा का कहना है कि एक माह में सड़क का काम शुरू करा दिया जाएगा।

कांजी हाउस में है 50 मवेशियों की क्षमता
नगर पलिका ने अब तक आवारा मवेशियों काे पकड़ने के लिए अभियान नहीं चलाया है। नपा के कांजी हाउस में 50 आवारा मवेशियों काे रखने की क्षमता है। कई बार 70 से 100 मवेशी तक रखे जाते हैं। इसके अलावा दयोदय गोशाला व सीताराम रामचंद्र गोशाला है। जिसका संचालन संस्थाएं करती हैं। दाेनाें गाेशालाओं में वर्तमान में करीब 350 से अधिक मवेशी हैं।

खबरें और भी हैं...