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काेविड सेंटर:संक्रमितों काे सूखी राेटी, पानी की कैन के तल में काई, शिकायत पर भोपाल भेजने की धमकी

हरदा4 महीने पहले
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  • एक ही पॉलीथिन में दूध, काढ़ा, चाय, बिस्किट पैकेट बांधकर चैनल गेट से डाल देते हैं भीतर
  • अव्यवस्था : खराब भाेजन की शिकायत कराे ताे हमीदिया भाेपाल भेजने की डॉक्टर देते हैं धमकी

काेराेना पॉजिटिव लाेगाें काे काेविड केयर सेंटर में भर्ती करने के बाद उनकी सुध नहीं ली जा रही है। इलाज के दाैरान बेहतर खान पान की डॉक्टर समझाइश जरूर दे रहे हैं, लेकिन भाेजन में सुबह-शाम कभी 4 ताे कभी 5 सूखी राेटी मिलती है। दाल- चावल, एक हरी सब्जी, सलाद के नाम पर ककड़ी के 2-3 हिस्से दिए जाते हैं। सेंटर राेज सैनिटाइज नहीं हाेता है। पुराने ठीक हाेने वाले व नए अाने वाले राेगी एक साथ ही रखे जाते हैं। दूध, काढ़ा, चाय, बिस्किट एक ही पॉलीथिन में बांधकर चैनल गेट से भीतर रख दिए जाते हैं। डॉक्टर व नर्स 25 फीट दूर से बात करते हैं, जिनकी अावाज तक सुनाई नहीं देती। पीने के पानी की कैन की तली में काई जम रही है। कैन भी नहीं बदली जा रही है। भाेजन या व्यवस्था में कमियां बताने पर डॉक्टर हमीदिया भाेपाल रैफर करने की धमकी देते हैं।  काेविड केयर सेंटराें में भर्ती संक्रमित भाेजन व्यवस्था व स्टाफ के उपेक्षित रवैए से नाराज हैं। सेंटर में भर्ती लाेगाेें काे संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मप्र भाेपाल से 6 जून काे जारी डाइट चार्ट के अनुसार भाेजन नहीं दिया जा रहा है।

नहीं मिल रहा लाेगाें काे भर पेट भाेजन
यहां पर किसी स्व सहायता समूह द्वारा भाेजन सप्लाई किया जा रहा है। इलाज के बाद घर लाैटे लाेग नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि 10 बजे नाश्ता पॉलीथिन में बांधकर एक ही साथ दिया जाता है। पाेहे पानी में ठीक ढंग से भीगे नहीं हाेते हैं। माेटे पाेहे ठंडे हाेने से खाना मुश्किल हाेता है। भाेजन 1 से 1.30 बजे के बीच आता है। प्लास्टिक की थाली में पैक इस भाेजन में 5 सूखी राेटी, दाल- चावल, एक हरी सब्जी कभी-कभी ककड़ी के 2-3 पीस व एक प्याज का टुकड़ा हाेता है। हरी सब्जी बेस्वाद हाेती है, जिसे कम ही लाेग खाते हैं। शाम काे चावल के बजाय उबला दलिया देते हैं। राेटी काफी देर पहले बनी हाेती, जाे कड़क हाेने से खाने में परेशानी हाेती है। कुछ लाेगाें के लिए भाेजन खुराक अनुसार भरपेट नहीं हाेता है। जितने राेगी हाेते हैं, उनकी ही थाली आती है।

सलाह गर्म पानी पीने की, दिया जा रहा ठंडा पानी

डाॅक्टर पीने के लिए गर्म पानी की सलाह देते हैं। लेकिन काेविड सेंटर में कैन का बिना जांच वाला पानी पिलाया जा रहा है। मरीज बताते हैं कि यहां करीब 35 लाेगाेंं के लिए 8 कैप शुरू से रखी हैं। इन्हीं में बाहर से पानी खाली कर दिया जाता है। सफाई भी नहीं हाेती। कैन की तली में धूल की परत व काई जमी है। 2-3 दिन पहले ठंडे पानी की कैन भेजी दी गई। यहां ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी इतनी दूर बैठते हैं कि न ताे उन तक आवाज जाती है न ही वे परेशानी सुनते हैं। दवाएं भी खत्म हाेने पर कई बार मांगनी पड़ती है। एक बार पानी खत्म हाेने पर 5-7 घंटे परेशान हाेते रहे। कभी-कभार अाने वाले डॉक्टर भी 20-25 फीट दूर से निर्देश देते हैं, जाे सुनाई ही नहीं देते हैं।

9 दिन में यह दिया : संक्रमिताें के अनुसार 9 दिन में दाे बार 1-1 सेव दिया। दाे दिन ड्रायफ्रूट के नाम पर एक पन्नी में 4-5 नग काजू, इतने ही बादाम व 8-10 किशमिश दिए। हल्दी वाला दूध 200 एमएल वाले प्लास्टिक के गिलास में देते हैं। जबकि प्रतिदिन इसकी मात्रा 500 एमएल अनुशंसित है। राेगी बताते हैं कि पॉलीथिन में बांधकर दूध, काढ़ा, चाय, बिस्किट पैकेट एक ही पार्सल में रख देते हैं। कई बार यह फूट जाता है, इससे सब खिचड़ी हाे जाती है। ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन का लेवल भी खुद ही चेक करना हाेता है। जिसे नर्स दूर से नाेट कर लेती है। राेज सेंटर सैनिटाइज नहीं हाेता है। इस बीच नए संक्रमित भी यहीं रखे जाते हैं, एेसे में 5-6 दिन का समय गुजार चुके संक्रमित दाेबारा संक्रमण का खतरा महसूस करने लगते हैं।

इसलिए डरते हैं संक्रमित : ठीक हुए मरीज व इलाज करा रहे राेगियाें की माने ताे काेविड सेंटर की खामियों या अव्यवस्था तथा भाेजन में गड़बड़ी की किसी से शिकायत करने पर मामला सिविल सर्जन व सीएमएचओ तक ही आखिर में आ जाता है। इससे नाराज अधिकारी शिकायत करने वाले मरीज काे नेता करार देते हुए हमीदिया भाेपाल शिफ्ट करने की धमकी देते हैं। ज्यादा संक्रमित परिवार के साथ हैं,ऐसे में वे चुप हाेकर सहन करते हैं। मालूम हाे कि इलाज पर ध्यान नहीं देने का भी मामला सामने आ चुका है। बीते सप्ताह सिराली के एक शिक्षक व उसकी पत्नी ने सांस लेने में ज्यादा तकलीफ हाेने पर पाेस्ट वायरल कर मदद मांगी थी। कलेक्टर तक मामला पहुंचने के बाद उसे भाेपाल भेजा गया।

अभी काेई बजट नहीं मिला है। नियमित राेगियाें के लिए आने वाले वाले बजट में से ही काेविड सेंटर के संक्रमितों के लिए भाेजन व्यवस्था चल रही है। स्व सहायता समूह भाेजन की सप्लाई कर रहा है। भाेजन व नाश्ते पर राेज एक मरीज पर 250 रुपए खर्च हाे रहा है। दूध की व्यवस्था सीएमएचओ ऑफिस से है। -डाॅ. शिरीष रघुवंशी, सिविल

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