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रेत के खेल:ऊचान घाट पर लगा अवैध रेत का ढेर, रात में होता है परिवहन

हरदा10 दिन पहले
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हरदा। नर्मदा किनारे अब भी इस तरह लगे है अवैध रेत के ढेर। - Dainik Bhaskar
हरदा। नर्मदा किनारे अब भी इस तरह लगे है अवैध रेत के ढेर।

जिले में नर्मदा किनारे के गांवों में अवैध रेत के ढेर जगह-जगह लगे हुए हैं। अधिकारी ठेकेदार व माफिया के रेत के खेल पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। ऊचान, गाेला, मेदा के तटाें और उसके आसपास के गांवों में जगह-जगह रेत के ढेर लगे हैं। माफिया रात के अंधेरे में गांवों के रास्ते से अवैध परिवहन कर माेटा मुनाफा कमा रहा है।

एनजीटी की रोक के बावजूद रेत का खनन और परिवहन हो रहा है। प्रभारी खनिज अधिकारी संजय सोलंकी मोबाइल रिसीव नहीं करते। छीपानेर से लेकर डूब क्षेत्र करनपुरा तक नर्मदा से रेत का अवैध उत्खनन जारी है। गांवों के किनाराें से भी रेत निकाली जा रही है। एक पखवाड़े से खनिज विभाग ने ऐसे डंपर भी नहीं पकड़े जो अवैध तरीके से रेत परिवहन कर रहे हैं। वहीं विभाग यह भी नहीं बता पा रहा है कि जिले में कितनी जगह कितना स्टॉक है।

ठेकेदार के लाेग रेत के ढेर लगाने तय करते हैं जगह
बारिश के पहले गांवों और नर्मदा तट पर ऊंचाई वाले स्थानाें पर जगह-जगह अवैध रेत के छाेटे-छाेटे ढेर लगाए हैं। ठेकेदार के लाेग रेत के ढेर लगाने के लिए जगह तय करते हैं। जानकारों की माने ताे प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से बचने के लिए यह रणनीति अपनाई जाती है। इसमें जगह-जगह, दाे-दाे, चार-चार डंपर रेत के ढेर लगा दिए जाते हैं। इसके बाद रात में शहर में रेत की सप्लाई हाेती है। इससे शासन काे राजस्व का लाखाें का नुकसान हाेता है।

आदमपुर के पास लगा है ठेकेदार का बैरियर
आदमपुर के पास चाैराहे पर ठेकेदार का बैरियर लगा है। इस चाैराहे से एक रास्ता हरदा, दूसरा करताना, तीसरा हंडिया और चाैथा रास्ता नर्मदा नदी की ओर जाता है। इस चाैराहे पर टीन शेड लगाया है। इस पर ठेकेदार के लाेग नर्मदा से आने वाली रेत के डंपराें, ट्रैक्टर-ट्राॅलियाें की जांच करते हैं।

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