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अधूरी तैयारी:जिला अस्पताल में शिशु राेग विशेषज्ञ 6, लेकिन न पीआईसीयू और न ही वेंटिलेटर

हरदा6 दिन पहले
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  • बच्चाें के लिए न छाेटे पलंग, न जरूरी उपकरण, पीडियाट्रिक आईसीयू नहीं

काेराेना संक्रमण की तीसरी लहर बच्चाें के लिए खतरनाक बताई जा रही है। इसकाे लेकर जिला अस्पताल में तैयारी शुरू हाे चुकी है। लेकिन तैयारी अधूरी है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए पर्याप्त डाॅक्टर ताे हैं लेकिन बच्चाें के लिए न पीआईसीयू है और न ही वेंटिलेटर। छाेटे पलंग सहित अन्य जरूरी उपकरण भी नहीं हैं।

जिले में एक पखवाड़े में 7 बच्चे काेराेना पाॅजिटिव आए हैं। इससे तीसरी लहर की आहट सुनाई देने लगी है। जिला अस्पताल में बच्चाें के लिए 20 पलंग का सामान्य शिशु वार्ड है। एक एसएनसीयू है। इसमें वार्मर के अलावा 1 वेंटिलेटर और 3 सीपैप हैं।

लेकिन पीडियाट्रिक आईसीयू नहीं है। हालांकि, विभाग ने कहा ऑक्सीजन वाले बेड बढ़ाए जा रहे हैं। 20 बेड के पीआईसीयू सहित अन्य उपकरण के लिए प्रस्ताव अधिकारियाें काे भेजा है। आगामी एक सप्ताह में मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

जानकारी के मुताबिक तीसरी लहर में बच्चाें के सबसे अधिक चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। तीसरी लहर अगस्त-सितंबर तक आ सकती है। इसी काे देखते हुए जिला अस्पताल में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इधर शिशु राेग विशेषज्ञ डाॅ. सनी जुनेजा ने कहा कि बच्चाें की तबीयत खराब हाेती है ताे उसे नजरअंदाज न करें। 102 के आसपास बुखार आने पर तत्काल बच्चाें का उपचार कराएं। शिशु वार्ड, पुराने एसएनसीयू में बन सकता है पीआईसीयू: वर्तमान में 20 बेड के सामान्य शिशु वार्ड में पीआईसीयू बनाया जा सकता है। इस वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए सेंट्रल लाइन बिछी हुई है। इसके अलावा नया एसएनसीयू बनकर तैयार है।

वर्तमान में एसएनसीयू पुराने भवन में बना हुआ है। उसे नए भवन में शिफ्ट कर पुराने भवन में पीआईसीयू बनाया जा सकता है। हाल ही में राज्य स्तर से आई टीम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने पीआईसीयू के लिए दाेनाें जगह देखी हैं। जगह फाइनल हाेते ही काम शुरू हाे सकता है। इसमें संक्रमित बच्चाें के इलाज के लिए सभी सुविधाएं माैजूद रहेंगी। हालांकि, पीआईसीयू में बेड की संख्या कम हाे सकती है।

जिले में एक पखवाड़े में सात बच्चे काेराेना पाॅजिटिव आए

बढ़ेंगे ऑक्सीजन बेड
जिले में ऑक्सीजन बेड बढ़ेंगे। जिला अस्पताल में ऑक्सीजन बेड 100 से बढ़ाकर 150 किए जाएंगे। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र टिमरनी व खिरकिया में 10-10 से बढ़ाकर ऑक्सीजन बेड 50-50 किए जाएंगे।

इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयापुरा व गहाल में भी ऑक्सीजन बेड बढ़ाए जा रहे हैं। विधायक निधि से एक वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस भी आने वाली है। स्वास्थ्य विभाग की यदि यह तैयारियां समय से पहले पूरी हो जाती हैं तो तीसरी लहर से लड़ना आसान होगा।

उपकरणों की डिमांड भेजी
जिला अस्पताल में 20 बेड का पीआईसीयू, 500 पल्स ऑक्सीमीटर, सक्शन मशीन, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, मल्टीपैरा माॅनिटर, ऑक्सीजन हुड, आईसीयू बेड सहित अन्य उपकरण शामिल हैं। आईसीयू के लिए एयर कंडिशनर की भी मांग की है।
अभी उल्टी-दस्त के मिल रहे मरीज: वर्तमान में अस्पताल में इलाज के लिए उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित बच्चे अधिक मिल रहे हैं। बदलते माैसम की वजह से बच्चाें में माैसमी बीमारियां मिल रही हैं। बुखार के साथ बच्चे उल्टी-दस्त से पीड़ित हाे रहे हैं। एक सप्ताह में 12 से 14 बच्चे उल्टी-दस्त व बुखार के आए हैं।

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