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किसानाें की चिंता:तीन दिन बाद बंद हाे जाएगी मूंग खरीदी, दाेबारा नहीं आएगा मैसेज, किसान परेशान

हरदा16 दिन पहले
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मूंग की ट्राॅलियाें के कारण लग रहा जाम। - Dainik Bhaskar
मूंग की ट्राॅलियाें के कारण लग रहा जाम।
  • मूंग बेचने में किसानाें काे मैसेज से लेकर ताैल व भुगतान तक हो रही समस्या
  • चुनाैती... 17253 किसानाें से तीन दिनाें में खरीदना है मूंग, किसान नेता बाेले-संभव नहीं
  • व्यवस्था : 413 कराेड़ रुपए की खरीद चुके मूंग, 157 कराेड़ रुपए का ही हुआ भुगतान

समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने में किसानाें काे मैसेज छुड़वाने से लेकर ताैल व भुगतान तक हर स्तर पर बेहद माथापच्ची करनी पड़ रही है। 3 दिन बाद सरकारी खरीदी बंद हाे जाएगी। 17253 किसानाें की मूंग का ताैल बाकी है। 38320 किसानाें ने मूंग बेचने के लिए पंजीयन कराया था। अधूरी व्यवस्था के बीच खरीदी शुरू की, जिसका नतीजा यह हुआ कि 87 दिन में केवल 21067 किसानाें से ही मूंग खरीदी हाे पाई। भुगतान के लिए भी किसान भटक रहे हैं। नेता और अधिकारियाें ने खुद के बचाव के लिए सभी किसानाें काे मैसेज भेज दिए। अब किसी की किसान काे दाेबारा मैसेज नहीं भेजा जाएगा। 16 से मंडी में मूंग की आवक बढ़ने की उम्मीद है।

15 जून से शुरू हुई मूंग खरीदी 3 दिन बाद बंद हाे जाएगी 17253 किसानाें काे मूंग के ताैल का इंतजार है। शेष 3 दिन में इतने किसानाें से खरीदी कैसे हाेगी यह चिंता किसानाें काे सता रही है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि आखिरी तारीख आगे नहीं बढ़ेगी। ऐसे में आने वाले दिनाें में मंडी में आवक बढ़ेगी।

अधूरी व्यवस्था
खरीदी करने 90 दिन तय किए। इनमें 40 दिन खरीदी बंद रही। 13 दिन पाेर्टल अपडेशन के कारण लगातार खरीदी बंद रही। इस दाैरान हजाराें किसानाें की आखिरी तारीख बीत गई। वे दाेबारा मैसेज के लिए चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुना। स्थिति यह बन गई है कि सरकार ने दाेबारा मैसेज का विकल्प ही नहीं रखा। लंबे इंतजार व माथा पच्ची के बाद भी मूंग नहीं बेच पाए किसानाें काे अब कम दाम में मंडी में बेचना मजबूरी हाे जाएगा।

भुगतान का इंतजार
मूंग बेचने के बाद 7 दिन में भुगतान का प्रावधान है। लेकिन कई किसानाें काे 25 से 30 दिन बाद भी पेमेंट नहीं मिला। 31 केंद्राें पर अभी तक 21067 किसानाें से 57497.92 मीट्रिक टन खरीदी हुई है। जिसका कुल भुगतान 413 कराेड़ 75 लाख रुपए बनता है। 10,008 किसानाें काे 157 कराेड़ 17 लाख रुपए का पेमेंट हुआ है। 11059 किसानाें काे भुगतान का इंतजार है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि समितियाें काे 236 कराेड़ 84 लाख रुपए का ऋण वसूलना है। यह राशि काटकर भुगतान किया जाएगा।

किसान बाेले
सरकार और अधिकारियाें ने सबसे पहले कम रकबे वाले किसानाें काे मैसेज भेजने व ताैल का खूब ढिंढाेरा पीटा। लेकिन हकीकत यह है कि 5 एकड़ या इससे कम रकबे वाले किसानाें काे भी 6 से 9 सितंबर के बीच थाेक में भेजे गए। मैसेज के दाैरान ही सूचना मिली है। सूत्र बताते हैं कि शुरुआत में मैसेज छाेड़ने, सैंपल पास कराने के नाम पर भी खूब लेन-देन हुआ। सर्वेयराें की शिकायत पर नाेडल अधिकारी अनिल नरवरे सस्पेंड किए गए।

दाेबारा नहीं भेजेंगे मैसेज

  • सभी 38320 पंजीकृत किसानाें काे मैसेज भेज दिए हैं। टिमरनी के कुछ केंद्राें पर किसानाें की संख्या ज्यादा है। जिन्हें दूसरी जगह उन केंद्राें पर ताैल के लिए शिफ्ट करेंगे, जहां खरीदी पूरी हाे गई है। अभी तक दाेबारा मैसेज भेजने के काेई निर्देश नहीं मिले हैं। -एमपीएस चंद्रावत, उप संचालक कृषि हरदा

3 दिन में खरीदी असंभव

  • यह सरकार की वादा खिलाफी है। 40 दिन खरीदी बंद रही। पाेर्टल बंद रहने से कई किसानाें की आखिरी तारीख चूक गई। अभी भी केंद्राें के बाहर कतार है। 17 हजार किसानाें से 3 दिन में खरीदी संभव नहीं है। सरकार ने एक-एक दाना खरीदी का ढिंढाेरा पीटा है। आखिरी तारीख नहीं बढ़ी ताे कई किसान इतने इंतजार के बाद भी मूंग नहीं बेच पाएंगे। अव्यवस्था काे लेकर किसान कांग्रेस आंदाेलन करेगी। -माेहन साईं, जिलाध्यक्ष, किसान कांग्रेस
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