बाधा बनेगी स्टाफ की कमी:जिले में विशेषज्ञों के स्वीकृत 54 में से केवल 7 पद ही भरे, 47 खाली

हरदा21 दिन पहले
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  • कोरोना से लड़ने 2-2 हजार ऑक्सीजन मास्क, पीपीई किट, 3 लाख पैरासिटामॉल की डिमांड

जिले में अब तक काेराेना का काेई मरीज नहीं मिला है। इसके बाद भी काेराेना से लड़ाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पताल प्रशासन ने काेराेना के इलाज व बचाव के लिए जरूरी संसाधनों के साथ ही मेडिकल स्टाफ की भी डिमांड भेजी है। अस्पताल प्रशासन ने राज्य शासन को डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ, पैरा मेडिकल कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए 20 हजार थ्री लेयर मास्क मांगे हैं। वर्तमान में 10 हजार थ्री लेयर मास्क स्टाॅक में माैजूद है। संक्रमित मरीजों के इलाज करने वाले डॉक्टरों व स्टाफ के हैंडवाॅश के लिए 50 एमएल की एक हजार सैनिटाइजर की बाॅटल की डिमांड है। इसी तरह 2 हजार ऑक्सीजन मास्क मांगे हैं। डॉक्टर व नर्सेस के लिए 2 हजार पीपीई किट व 2 हजार ऑक्सीजन मास्क की डिमांड भेजी है। एक हजार डिस्पोजेबल ग्लब्स अाैर 500 कैनुला मंगाए गए हैं। 4 लाख पैरासिटामॉल टेबलेट उपलब्ध हैं। 3 लाख टेबलेट की डिमांड अाैर भेजी गई है।
जरूरी संसाधनों के साथ ही मेडिकल स्टाफ की भी डिमांड की

दूसरी लहर में ऑक्सीमीटर व कैनुला, ऑक्सीजन मास्क महंगे खरीदने पड़े थे काेराेना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी के साथ ही पल्स अाॅक्सीमीटर, नेजल कैनुला अाैर ऑक्सीजन मास्क की शार्टेज अा गई थी। इसके कारण पल्स ऑक्सीमीटर दाेगुना दाम में खरीदने पड़े थे। हालात यह थे कि ऑक्सीजन मास्क के लिए समाजसेवियों की मदद लेनी पड़ी थी। नेजल कैनुला के भी यही हाल थे। इसी काे देखते हुए इस बार अस्पताल प्रबंधन पहले से स्टाॅक रखा है। पल्स ऑक्सीमीटर व डिजिटल थर्मामीटर 2-2 साै, कैनुला 1 हजार, ऑक्सीजन मास्क 2 हजार स्टाॅक में हैं। इसके बाद भी डिमांड भेज दी है।

राेजाना ले रहे एक हजार सैंपल, रेलवे स्टेशन पर भी की जा रही सैंपलिंग
शासन से राेजाना 800 सैंपल का टारगेट जिले काे मिला है। लेकिन एक हजार सैंपल लिए जा रहे हैं। चिन्हित जगह के अलावा रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों के सैंपल लिए जा रहे हैं। अभी जिले में एक भी काेराेना का केस नहीं मिला है। लेकिन पड़ाेस के हाेशंगाबाद, खंडवा, बैतूल, देवास व सीहोर जिले में काेराेना लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते संक्रमण से बचाव के लिए काेविड गाइड लाइन का पालन जरूरी है।

जिला अस्पताल में डॉक्टर के 23 पद, 18 हैं खाली
जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों के 54 पद मंजूर हैं। 7 ही भरे हैं, 47 पद खाली हैं। जिले में प्रथम श्रेणी चिकित्सा अधिकारियों अाैर द्वितीय श्रेणी के विशेषज्ञों की कमी है। जिला अस्पताल में स्वीकृत 23 पदाें में से 5 कार्यरत 18 पद खाली हैं। खिरकिया, टिमरनी, सिराली, हंडिया में विशेषज्ञों के 23 पद खाली हैं। इसके अलावा जिले में द्वितीय श्रेणी के चिकित्सकों के नियमित स्वीकृत 47 पदाें में से 39 कार्यरत व 9 खाली हैं। जिन्हें सालाें बाद भी नहीं भरा गया। काेराेना की दूसरी लहर में स्टाफ नर्स की कमी काे संविदा कर्मियों से पूरा किया।

जिले से पदाें की पूर्ति, पीपीई किट, टेबलेट, ग्लब्ज, मास्क की डिमांड भेजी है। शीघ्र डिमांड पूरी हाेने की उम्मीद है। वर्तमान में राहत की बात यह है कि जिले में काेराेना का काेई केस नहीं है। सतर्कता के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं।
डाॅ. सुभाष जैन, सीएमएचओ, हरदा

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