हरदा में कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस, कृषि मंत्री पर उठाए सवाल:72 घंटे में फसल नुकसानी की सूचना का वादा, 144 घंटे बाद भी चस्पा नहीं कर पाए पटेल

9 दिन पहले
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हरदा की एक निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कांग्रेस ने कृषि मंत्री कमल पटेल घोषणा पर सवाल खड़े किए हैं। हरदा में पिछले दिनों ओलावृष्टि को लेकर के 72 घंटे के अंदर फसलों की नुकसानी कर सूची पंचायत मुख्यालय पर चस्पा करने की घोषणा के बाद भी आज 144 घंटे होने तक कोई कार्रवाई नहीं होने को लेकर कांग्रेस ने नाराजगी जाहिर की है।

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत टाले, किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष केदार सिरोही, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई, प्रदेश महामंत्री रवि शंकर शर्मा ने सयुंक्त वार्ता में आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि किसानों को साल 2019-2020 की राहत राशि भी नहीं मिली है। साथ ही 2019, 20 का फसल बीमा का लाभ भी किसानों को नहीं मिल पाया है। वही धान खरीदी के लिए किसानों को सात-सात दिनों तक लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ रहा हैं।

वही पिछले दिनों हरदा में हुए कमल युवा खेल महोत्सव के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करने और आयोजन में सरकार के मंत्रियों और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा के शामिल होने में बड़ी संख्या में लोगों के इक्कठा होने पर भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान खड़े किए है।

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत टाले का कहना है कि 'पहले खुद मंत्री अपने कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी देते है लेकिन बाद में उनके समर्थक उनके नेगेटिव होने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग रिपोर्ट आने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली संदेह के दायरे में आ रही है।आखिर किस रिपोर्ट को सही माने।

उन्होंने कहा कि बीते दिनों सर्व पितृ अमावस्या पर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के नर्मदा नदी में स्नान पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन स्वामित्व योजना के नाम पर हजारों लोगों की भीड़ शासकीय व्यय पर एकत्र करके अपने ही बनाए नियमों का उल्लंघन किया था। कांग्रेस ने कृषि मंत्री कमल पटेल से मांफी मांगने ओर आयोजन में शामिल सभी बच्चों का तत्काल निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण करने की मांग की है।

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