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फसल पर संकट के बादल:मंदिर में रामसत्ता और मस्जिद में नमाज के बाद मांग रहे बारिश की दुआ

खिरकियाएक महीने पहले
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हजाराें रुपए क्विंटल महंगा बीज खरीदकर किसानाें ने बाेवनी की और अब बारिश नहीं हाेने से फसल पर संकट के बादल छा गए हैं। फसलाें के पत्ते मुरझाने लगे हैं। सूखती फसलाें काे बचाने के लिए अब इंद्रदेव से बारिश की कामना का दाैर शुरू हाे गया है। ग्रामीणाें क्षेत्र में धार्मिक कार्यक्रम शुरू हाे गए हैं। मंदिरों में रामसत्ता हो रही है तो मस्जिदों में अल्लाह से दुआएं की जा रही है।

दूसरी तरफ कई किसानाें ने फसलाें में सिंचाई भी शुरू कर दी है। हर तरफ फसलाें काे बचाने की काेशिश हाेती दिख रही है। बारिश नहीं होने से प्रारंभिक रूप से सोयाबीन की फसल पर इसका असर देखा जा रहा था। अब उड़द और मक्का पर भी पानी की कमी का असर देखने को मिल रहा है। किसानों ने बताया कई स्थानों पर फसलों की नाजुक स्थिति है। कई खेताें में बीज का जमीन से बाहर अंकुरण नहीं हाे रहा है। कई खेताें में बोबनी के बाद तुरंत बारिश होने से बीजों पर मिट्टी की परत जम गई है, जो वर्तमान में सख्त हो गई है। संजय जैन वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी ने बताया बारिश नहीं होने से फसलें प्रभावित हो रही है। जल्द बारिश हाेनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ ताे फसलों की स्थिति गंभीर हो सकती है। यहां हुए धार्मिक कार्यक्रम : छीपाबड़ दानाबाबा मंदिर में महिलाओं ने 24 घंटे की रामसत्ता शुरू कर दी है। इसी तरह नगर की प्राचीन जामा मस्जिद सहित अन्य मजिस्दों में नमाज के बाद बारिश के लिए अल्लाह के दुआएं की जा रही है। खुशहाली और समृद्धि के लिए बारिश की कामना की जा रही है।

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