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परेशानी:पीला माेजेक से प्रभावित फसल पर चलाया राेटावेटर, बारिश नहीं हाेने से बढ़ रहे राेग

खिरकिया9 दिन पहले
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खिरकिया। पीला माेजेक के कारण पीली हाे रहीं साेयाबीन की पत्तियां।
  • किसानाें का आराेप - निरीक्षण करने नहीं आते कृषि अधिकारी, जवाब - खेताें में ऐसी काेई स्थिति नहीं

लंबे समय से बारिश नहीं हाेने का असर फसलों पर पड़ रहा है। सावन सूखा बीतने और तेज धूप के कारण क्षेत्र में सोयाबीन और उड़द की फसल पर पीला मोजेक का अटैक हो गया है। फसल खराब हो रही है। क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ फसल पीला मोजेक की चपेट में है। इधर, कृषि विभाग के अधिकारी इस स्थिति से इनकार कर रहे हैं। कुछ गांवों में फसलों पर पीला मोजेक का अटैक ज्यादा होने पर किसानों ने खेत को रोटावेटर से साफ ही करा दिया है। यदि अभी भी अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन की फसलों पर पीला मोजेक का खतरा बढ़ता जाएगा। फसल का उत्पादन प्रभावित होने से किसानों को नुकसान भी होगा।

तहसील के कुड़ावा, नीमसराय, चौकड़ी, लोधियाखेड़ी, सारंगपुर, पीपल्या, कालधड़, छीपाबड़, टेमलाबाड़ी, जूनापानी, चारुवा, पड़वा सहित 24 से ज्यादा गांवों के खेतों में पीला मोजेक से सोयाबीन और उड़द की फसल नष्ट हो रही है। कृषि विभाग की टीम अभी तक गांवों में किसानों को उचित सलाह देने नहीं पहुंची है। कुड़ावा में लगभग 100 एकड़ रकबे में पीला मोजेक से सोयाबीन व उड़द का प्रकोप है। गांव के धर्मेंद्र राजपूत, जितेंद्र राजपूत, कमलेश राजपूत ने बताया समय पर बारिश नहीं होने से सोयाबीन पर पीला मोजेक का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।

गांव के दल्लू पिता मांगीलाल के 4 एकड़ खेत की सोयाबीन फसल पर पीला मोजेक का प्रकोप इतना अधिक हुआ कि चार दिन पहले किसान ने रोटावेटर से पूरा खेत ही साफ करा दिया। इसी प्रकार लोधियाखेड़ी के रमेश राजपूत, कैलाश राजपूत व गोलू कलम ने बताया कि इस साल बारिश कम होने से सोयाबीन और उड़द फसल तेज धूप से पीला मोजेक के चपेट में है। मालूम हो, पीला मोजेक रोग सोयाबीन फसल पर विशेष तौर पर लगता है। यह रोग एक विषाणु जनित रोग है, जिसके प्रभाव से पौधे की पत्तियां पीली पड़कर गल या सूख जाती हैं। इससे पौधे की फलियां भी गिरने लगती हैं। ऐसे में फसल का उत्पादन भी प्रभावित होता है।

लगातार बढ़ रहा सफेद मक्खी का खतरा

पीला मोजेक के अलावा फसलों पर सफेद मक्खी का भी प्रकोप है। सोयाबीन, उड़द के अलावा मंग फसल पर भी सफेद मक्खी का खतरा लगातार बढ़ रहा है। तेज बारिश होने पर ही सफेद मक्खी पूरी तरह से नष्ट हो सकेगी। किसानों का कहना है कि सफेद मक्खी से स्वस्थ पौधों को भी नुकसान पहुंचता है। कृषि विभाग के अधिकारी गांवों का भ्रमण नहीं कर रहे हैं। किसानों को पीला मोजेक से फसल बचाव की कोई सलाह नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि पीला मोजेक से फसलें नष्ट होने की कगार पर हैं, लेकिन कृषि विभाग की टीम गांवों में लंबे समय से नहीं आई है।

सफेद मक्खी का असर

फसलों पर सफेद मक्खी और कीटों का प्रकोप है। पीला मोजेक का कोई प्रकोप क्षेत्र की फसलों पर नहीं है।
संजय जैन, प्रभारी कृषि विस्तार अधिकारी, खिरकिया

निरीक्षण कराएंगे

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को मौके पर फसल के निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
गिरीश मालवीय, एसएडीओ, कृषि विभाग टिमरनी

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