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विभाग ने निकाला शिक्षा रथ:आरटीई की नहीं मिली फीस, 12 काे निजी स्कूलाें में तालाबंदी का निर्णय

हरदाएक महीने पहले
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  • 25 फीसदी सीटाें पर फ्री प्रवेेश के लिए विभाग ने निकाला शिक्षा रथ

नया शिक्षण सत्र शुरू करने के साथ ही बच्चों का निजी स्कूलाें में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटाें पर पात्रता रखने वाले गरीब छात्र-छात्राओं का दाखिला कराने के लिए सर्व शिक्षा अभियान ने कलेक्ट्रेट से शिक्षा रथ रवाना किया। इधर साेसाइटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स मप्र ने 12 जुलाई काे मप्र के सभी निजी स्कूल बंद रखने का एलान किया है। निजी स्कूल संचालकों की वर्चुअल मीटिंग हुई, जिसमें प्रदेश के सभी पदाधिकारी शामिल हुए। यह है विराेध का कारण : निजी स्कूल संचालकों की नाराजगी है कि मप्र में 1 जून से अनलाॅक हाेने के बाद बाजार, बस, जिम व अन्य सभी जगहाें काे जनता के लिए काेविड 19 की शर्ताें के अनिवार्य पालन के साथ खाेल दिया है। लेकिन स्कूलाें काे ही बंद रखने का अादेश लागू रखा है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हाे रही है।

उनके भविष्य से खिलवाड़ हाे रहा है। संगठन का कहना है कि वे सरकार की दाेहरी नीतियाें का विराेध करते हैं। कुछ दिन पहले शासन ने पत्र जारी किया। इसमें स्कूलाें काे फीस बढ़ाने के आदेश दिए थे। इसी विषय काे लेकर सुप्रीम काेर्ट ने भी 2021 के शिक्षण सत्र काे लेकर आदेश दिया था। इस बीच सीएम ने फीस नहीं बढ़ाने का बयान दिया।

स्कूल संचालकों में असमंजस है कि वे काेर्ट की मानें या विभाग की या सीएम की। संगठन ने कहा कि काेराेना काल में सरकार ने स्कूलाें काे काेई राहत पैकेज नहीं दिया। स्कूल संचालक भवन, वाहन की किस्त, बिजली बिल नहीं चुका पा रहे हैं। 2 साल से आरटीई की फीस भी नहीं दी। जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

हम सरकार की दाेगली नीति का विराेध करेंगे
बाजार, माॅल से लेकर हर जगह से पाबंदी हटा दी है, लेकिन स्कूल अभी भी बंद हैं। बाजार में भीड़ है। मांगलिक व राजनीतिक कार्यक्रम हाे रहे हैं। बस ट्रेनें चल रही हैं। फिर स्कूल कराेड़ाें बच्चों के भविष्य संवारने में लगे स्कूल खाेलने से परहेज क्याें। सरकार की दाेगली नीति के विराेध में निजी स्कूल संचालक हड़ताल करेंगे।--दीपक सिंह राजपूत, संस्थापक, साेसाइटी फाॅर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स

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