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देरी से हुई खरीदी:लक्ष्य कम, कैसे मिलेगा किसान काे लाभ

हरदा8 दिन पहले
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प्रदेश सरकार ने समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के लिए 8 जून से पंजीयन और 15 जून से खरीदी शुरू करने की बात कही है। प्रदेश में करीब 6.56 लाख हेक्टेयर रकबे में मूंग बाेया गया। लेकिन सरकार केवल 34 हजार 20 मीट्रिक टन खरीदी करेगी। खरीदी का लक्ष्य कम हाेने से किसानाें काे नुकसान हाेना तय है।

यह बात किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष माेहन विश्नाेई ने कही। उन्हाेंने कहा कि खरीदी में जान बूझकर देरी की जा रही है। जिससे खरीफ सीजन की बाेवनी की व्यवस्था करने के लिए किसान अपनी ज्यादातर उपज पहले की मंडी या व्यापारियाें काे कम दाम में बेच दे।

जिससे सरकार काे कम खरीदी करना पड़े। उन्हाेंने कहा कि गेहूं बेचने के बाद पुराना कर्ज काट लिया। चने से मिले रुपए किसान ने महंगा मूंग बीज, खाद, कीटनाशक खरीदी में लगा दिया। अब मूंग खरीदी भी पूरी नहीं की जाएगी। जिससे उसे नुकसान हाेगा। एेसे में लागत निकलना मुश्किल हाेगा।

किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री रविशंकर शर्मा ने कहा कि मूंग खरीदी की घाेषणा के बाद मंडी में एकदम से व्यापारियाें ने रेट 5800 से नीचे कर दिए। समर्थन मूल्य 7196 रुपए घाेषित किया है, लेकिन इस मान से किसान से प्रति हेक्टेयर किस मान से खरीदी हाेगी, यह स्पष्ट नहीं है।

उन्हाेंने कहा कि जिले में टेल टू हेड पानी देने की घाेषणा के बाद हरदा, हाेशंगाबाद में 3 लाख हेक्टेयर से ज्यादा में मंूग बाेवनी हुई। पानी नहीं मिलने से फसल चाैपट हुई। अब खरीदी सीमित मात्रा में हाेने से शेष मूंग मंडी या व्यापारी कम दाम में लेंगे।

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