अव्यवस्था:प्लेटफार्म पर नहीं हैं डिस्प्ले बाेर्ड, परेशान हाेते हैं यात्री

खिरकिया2 महीने पहले
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  • सामान्य ट्रेनाें काे स्पेशल बनाकर चलाने से बाेगियाें का क्रम बदला

काेराेना के चलते लाॅकडाउन के बाद कई ट्रेनाें की सुविधा बंद हाे गई है। इसी के साथ रेलवे स्टेशन पर भी कई अव्यवस्थाएं हैं। जाे सालाें बाद भी दूर नहीं हुई हैं। स्टेशन के दाेनाें प्लेटफार्म पर यात्रियाें की सुविधा के लिए काेच डिस्प्ले बाेर्ड नहीं लगे हैं। इससे यात्रियाें काे काेच की स्थिति पता करने में परेशानी हाे रही है। रिजर्वेशन वाली बाेगी में सवार हाेने के लिए यात्रियाें काे प्लेटफार्म पर दाैड़ भी लगानी पड़ती है। इस सुविधा काे शुरू करने के लिए डीआरएम ने निर्देश दिए, फिर भी यात्रियाें काे यह सुविधा नहीं मिल रही है। कोरोना काल के बाद रेलवे ने ट्रेनाें के संचालन में परिवर्तन कर दिया है।

सामान्य टिकट के लिए भी यात्रियों को पहले से बुकिंग करानी पड़ रही है। ट्रेनाें को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है। ऐसे में बोगियों का क्रम भी बदल दिया है। इन दिनों यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर अपनी यात्रा के लिए बोगियां ढूंढनी पड़ रही हैं। दोनों ही प्लेटफार्म पर सूचना बोर्ड या डिस्प्ले बाेर्ड नहीं लगाए हैं।

नगर विकास समिति व यात्रियाें ने डिस्प्ले बोर्ड लगाने की मांग की थी। अब तक डिस्प्ले बोर्ड नहीं लग सके हैं। जिससे यात्रियों में बोगियों के आने के स्थान को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है। यात्री अनुमान लगाकर खड़े रहते हैं। लेकिन बोगियां आगे या पीछे होने से उन्हें दाैड़ लगाना पड़ता है। इस चक्कर में कई बार यात्रियों की ट्रेनें भी छूट जाती हैं।

कम समय में निर्धारित बाेगी तक पहुंचना मुश्किल
दोनों प्लेटफार्म कई मीटर लंबे हैं। स्टेशन पर ट्रेनाें का स्टाॅपेज केवल 2 मिनट का ही है। ऐसे में यदि बोगियों का स्थान बदलता है तो इतनी दूरी तय करके पीछे की ओर जाना मुश्किल होता है। यात्री के साथ महिला या भारी लगेज होता है तो अधिक दूरी तय करना संभव नहीं है। यात्रियों की ट्रेनें छूट जाती हैं। टिकट की राशि व्यर्थ ही जाती है। कई बार यात्री जरूरी यात्रा होने के चलते आरक्षण वाली बोगियों में बैठ जाते हैं, जिससे उन्हें जुर्माना चुकाना पड़ता है। यात्रियों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं, जबकि बदलाव करने से पहले सूचना दी जानी चाहिए।

काैन सी बाेगी कहां आएगी, नहीं पता
सामान्य यात्रियों के यात्रा करने के लिए ट्रेनों में आगे की ओर भी बोगियां लगाई जाती हैं। अब सामान्य बोगियों को भी आरक्षित बोगियों में बदल दिया है। ऐसे में कौन सी बोगी कहां आएगी, किसी को भी पता नहीं रहता। यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

आगे की ओर खड़े हाेकर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों को बोगियां के लिए पीछे की ओर भागना पड़ता है। जिससे उनकी ट्रेन भी छूट जाती है। रेलवे स्टेशन पर ना तो डिस्प्ले बोर्ड लगे हैं और ना ही उद्घोषणा कर जानकारी दी जाती है। पहले ही रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के स्टाॅपेज कम हैं। ऊपर से कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।

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