लेटलतीफी:किसानाें ने शुरू की बाेवनी की तैयारी, विभाग ने शुरू नहीं की नहराें की सफाई व मरम्मत

खिरकियाएक महीने पहले
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खिरकिया। ब्लाॅक में बनाई गई माचक नहर। - Dainik Bhaskar
खिरकिया। ब्लाॅक में बनाई गई माचक नहर।
  • विभाग काे 48 किमी लंबी नहराें की करनी है सफाई, पलेवा के लिए पानी देरी से मिलने से किसान चिंतित
  • नहरों में घास व अन्य खरपतवार हो रही है

ब्लाॅक के किसानाें ने रबी सीजन की बाेवनी की तैयारी शुरू कर दी है। नहर क्षेत्र से जुड़े किसानाें काे पानी मिलने का इंतजार है। जल संसाधन विभाग ने अभी तक नहराें की सफाई और मरम्मत का काम शुरू नहीं किया है। सिंचाई के लिए जिला मुख्यालय पर हुई बैठक में नहरों में पानी छोड़ने के लिए 30 अक्टूबर का समय तय किया है।

किसान रबी की बाेवनी की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन विभाग की तैयारी नहीं दिख रही। नहरों की सफाई और मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त नहरों को नहीं सुधारा है। नहरों में घास व अन्य खरपतवार हो रही है। ऐसे में नहराें में पानी आता है ताे टेल क्षेत्र तक पहुंचने में परेशानी हाेगी। पानी की बर्बादी भी हाेगी। माचक नहर व खिरकिया नहर क्षेत्र में पानी छोड़ने के पहले सुधार की जरूरत है। नहरों का रखरखाव और मेंटेनेंस नहीं करने से रबी सीजन में किसानों को समस्या उठानी पड़ सकती है।

दाे नहर परियाेजनाओं से किसानाें काे मिलता है पानी

विकासखंड में दो नहर परियोजनाओं से पानी मिलता है। सबसे बड़ी माचक नहर परियोजना है। इसकी लंबाई 35 किमी है जाे मुहाल पर खत्म हाेती है। दूसरी खिरकिया नहर परियोजना है, जिसकी लंबाई 13 किमी है, जो पहटकलां माइनर से शुरू होकर पाहनपाट में समाप्त होती है।

कुल 48 किमी की नहर विभाग को मेंटेन करनी है। 23 माइनर व 20 उप माइनर शाखाएं हैं। सभी नहराें का मेंटेनेंस करना है। रबी का सीजन शुरू होने वाला है, किसानों काे पलेवा के लिए पानी की आवश्यकता है। ऐसे में किसानों के मन में सवाल है कि कब मेंटेनेंस शुरू हाेगा। किसानाें काे बाेवनी पिछड़ने का डर है।

आदेश का इंतजार

नहरों की सफाई मनरेगा अंतर्गत मजदूरों से कराना है। इसकाे लेकर आदेश का इंतजार है। दशहरा के बाद काम शुरू हाेगा। समय सीमा में काम पूरा कर लिया जाएगा।
- डीके शास्त्री, प्रभारी एसडीओ, सिंचाई विभाग खिरकिया

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