गोवर्धन पूजा का पर्व:गांवों में गोवर्धन पूजा कर गाय से खाई मार, गो रक्षा का लिया संकल्प

मुलताई21 दिन पहले
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  • सुबह गाय को गाय को फूल मालाओं और मोर पंख से सजाकर एक स्थान पर लाया गया

नगर सहित क्षेत्र में शुक्रवार को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया गया। गांवों में गोवर्धन और गाय का पूजन किया गया। सुबह गांव की सीमा पर मैदान में गायकियों ने सभी मवेशियों को एकत्रित कर पूजन किया। गाय से बछड़े को अलग कर गाय से मार खाने का खेल भी खेला गया। ग्रामीण क्षेत्र में गोवर्धन पूजा का त्योहार विशेष रूप से मनाया जाता है। ग्राम जौलखेड़ा, चौथिया, हतनापुर, मासोद, बिरूल बाजार, मालेगांव, बघोली, सांवरी, पाठाखेड़ा, बरई सहित अन्य गांवों में धूमधाम से त्योहार मनाया गया।

गायकियों (गाय चराने वाले) ने परंपरागत रूप से दीपावली की शाम घर-घर जाकर गाय मालिकों को मोर पंख देकर आमंत्रित किया। सुबह गाय को गाय को फूल मालाओं और मोर पंख से सजाकर एक स्थान पर लाया गया। गायकी भी मोरपंख और कौड़ी की माला पहनकर मैदान पर पहुंचे। गोवर्धन पूजा कर बांसुरी की धुन पर गायकियों ने नृत्य किया। इसके बाद आठ से दस दिन के बछड़े को गायकियों ने गाय से अलग कर गिरा दिया। जिससे नाराज होकर गाय ने गायकी पर हमला किया। गायकी हमले से बचने का प्रयास करते रहे। गायकियों ने बताया गोवर्धन पूजा के साथ गाय से मार खाने से मवेशी स्वस्थ और गांव में खुशहाली रहती है। गोवर्धन पूजा के बाद ग्रामीणों ने गो रक्षा का संकल्प लिया।

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