मुआवजा की मांग:तीन साल पहले बनाया काठी डैम, नहीं दिया जमीन का मुआवजा, किसानों ने किया विरोध

मुलताईएक वर्ष पहले
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मुलताई। काठी डैम में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने किसानों ने एसडीएम से लगाई गुहार। - Dainik Bhaskar
मुलताई। काठी डैम में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने किसानों ने एसडीएम से लगाई गुहार।
  • काठी और दुनई के किसानों की जमीन अधिग्रहित कर बनाया डैम, मुआवजे के लिए एसडीएम से लगाई गुहार

ग्राम काठी में जल संसाधन विभाग ने डैम का निर्माण किया है। डैम बनने को तीन साल हो चुके हैं। इसके बाद भी अभी तक अधिग्रहित हुई जमीन का किसानों को मुआवजा नहीं मिला है। जिससे किसान परेशान हो रहे हैं। मंगलवार को किसानों ने भाजपा नेता चिंटू खन्ना के साथ तहसील कार्यालय पहुंचकर मुआवजे के लिए एसडीएम सीएल चनाप से गुहार लगाई। किसानों ने अधिग्रहित भूमि की मुआवजा राशि ब्याज सहित देने की मांग की है।

किसान गणपति कौशिक, बबलू पवार, रामप्रसाद पवार, शंकर पवार, रेवजी कड़वे, जियालाल पवार, पंजाबराव सहित अन्य किसानों ने बताया वर्ष 2016-17 में काठी डैम बनकर तैयार हो गया है। पिछले साल डैम में पर्याप्त पानी का संग्रहण भी हो गया। डैम निर्माण के पहले जल संसाधन विभाग ने सर्वे किया था। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य शुरू कर दिया। निर्माण के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने सभी किसानों को जमीन के बदले जल्द मुआवजा देने का आश्वासन दिया था।

डैम बनकर तैयार होने और तीन साल का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। डैम के डूब में जमीन जाने से किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुआवजा राशि मिलने से दूसरे स्थान पर जमीन लेकर खेती करने का सोचा था, लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं मिलने से मजदूरी कर परिवार का पेट पालना पड़ रहा है। किसानों ने अधिग्रहित जमीन के बदले जल्द मुआवजा देने की मांग की है।

डैम के लिए 30.125 हेक्टेयर जमीन हुई अधिग्रहित
जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनोज चौहान ने बताया काठी डैम के लिए काठी और दुनई के किसानों की 30.125 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया है। आपसी क्रय नीति के आधार पर अधिग्रहित जमीन की रजिस्ट्री की गई। जिन किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है, उन्हें मुआवजा राशि दे दी गई है। 28 किसानों की जमीन में एक से अधिक खातेदार सहित अन्य परेशानी होने से किसानों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। जिन्हें मुआवजा नहीं मिला है, उनका अवार्ड बनकर तैयार है। जल्द ही राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। 

3 करोड़ 99 लाख से बना डैम, 310 हेक्टेयर में सिंचाई
काठी डैम निर्माण की मांग लंबे समय से उठ रही थी। डैम बनने से किसानों की जमीन को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने लगा है। पिछले साल डैम में पानी संग्रहित कर सिंचाई के लिए पानी छोड़ा था। एसडीओ मनोज चौहान ने बताया 3 करोड़ 99 लाख से बने काठी डैम से 310 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो रही है। नहर निर्माण के लिए 15 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। जिसमें से पांच किसानों को मुआवजा देना बचा है।

एक सप्ताह के भीतर मिल जाएगी मुआवजा राशि
एसडीएम सीएल चनाप ने बताया काठी डैम के लिए अधिग्रहित जमीन का जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें एक सप्ताह के भीतर मुआवजा मिल जाएगा। अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के लिए फाइनल अवार्ड तैयार हो गया है। मुआवजा प्रकरण तैयार करने में जल संसाधन विभाग ने देरी की है। जिससे किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिल पाया है। जल्द ही किसानों के खाताें में मुआवजा राशि जमा हो जाएगी।

खेत में से नहर बनाई मुआवजा नहीं दिया
काठी डैम के साथ नहर का भी निर्माण जल संसाधन विभाग ने कर लिया है। जिन किसानों के खेतों में से नहर बनी है, उन्हें भी मुआवजा का इंतजार है। मुन्नी बाई सहित अन्य किसानों ने बताया नहर निर्माण के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया है। नहर का निर्माण कर डैम से पिछले साल सिंचाई के लिए पानी भी छोड़ दिया। लेकिन अभी तक नहर के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं दिया है। मुआवजा राशि के लिए किसान परेशान हो रहे हैं।

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