प्राणवायु की कमी:सरोवर में कम हो रही ऑक्सीजन, जलीय जीव-जंतु बचाने हो रहे उपाय

मुलताई5 महीने पहले
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  • ताप्ती सरोवर में नपा ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने लगातार कर रही प्रयास

ताप्ती सरोवर सभी के आस्था का केंद्र है। धार्मिक भावना को देखते हुए नगर पालिका ने ताप्ती सरोवर की मछलियों को पकड़ने पर प्रतिबंध भी लगा रखा है। सुबह-शाम लोग ताप्ती सरोवर पर पहुंचकर मछलियों को दाना डालते हैं। पिछले कुछ महीने से ताप्ती सरोवर और छोटे तालाब के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती जा रही है। जिससे सरोवर और छोटे तालाब की मछलियों पर संकट आ गया है। एक महीने पहले ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से छोटे तालाब की सैकड़ों मछलियां मर गई थीं। इसके पहले ताप्ती सरोवर के पानी में भी ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से मछलियां घाटों पर आ गई थी। सरोवर और छोटे तालाब की मछलियों से सभी की भावनाएं भी जुड़ी हैं। इसे देखते हुए नगर पालिका सरोवर और छोटे तालाब के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम नहीं हो इसके लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके बाद भी पानी में ऑक्सीजन की मात्रा लगातार कम होती जा रही है। शनिवार सुबह ताप्ती सरोवर के घाटों के पास सैकड़ाें मछलियां नजर आ रही थीं।

मछलियां मरने से सरोवर के आसपास बदबू भी अाने लगी थी। इसकी सूचना नगर पालिका सीएमओ नितिन बिजवे और सहायक यंत्री आरसी गव्हाड़े को मिली। सीएमओ और सहायक यंत्री ने तत्काल सरोवर के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने के लिए पोटेशियम परमैगनेट का घोल बनाकर सरोवर में डलवाया। सरोवर के पानी में पोटेशियम परमैगनेट का घोल मिलने के कुछ देर बाद मछलियां गहरे पानी में चली गईं। नियमित फव्वारा चलाने की उठी मांग : ताप्ती सरोवर और छोटे तालाब के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से नगरवासी भी चिंतित हैं। नगरवासियों ने पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम नहीं हो, इसके लिए सरोवर और छोटे तालाब में लगातार फव्वारा शुरू रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि छोटे तालाब के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा बनी रहे, इसके लिए नगरपालिका ने अस्थाई फव्वारा लगाया था। जिसे निकाल लिया है। छोटे तालाब और सरोवर में नियमित फव्वारा शुरू रखा जाना चाहिए। इसके साथ समय-समय पर पानी में चूना और पोटेशियम परमैगनेट का घोल भी डाला जाना चाहिए।

सरोवर व तालाब के पानी की होनी चाहिए जांच
कुछ महीनों से लगातार ताप्ती सरोवर और छोटे तालाब में मछलियां मर रही हैं। ऐसे में नगर पालिका काे ताप्ती सरोवर और छोटे तालाब के पानी की जांच कराई जाना चाहिए। ऑक्सीजन की कमी से मछलियां मर रही हैं तो इसके लिए ठोस कदम उठाए जाना चाहिए। ऑक्सीजन की कमी के अलावा दूसरे किसी कारण से मछलियां मर रही हैं तो इसका पता लगाकर इस समस्या का निदान किया जाना चाहिए।
बादल छाए रहने से होती है ऑक्सीजन की कमी
नगर पालिका सीएमओ नितिन बिजवे ने बताया सरोवर और तालाब की मछलियां पानी के ऊपर और घाटों पर आ जाती हैं। इस संबंध में मत्स्य विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को जानकारी देकर कारण पता लगाया। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बादल छाए रहने से पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जिससे मछलियां पानी के ऊपर आने लगती हैं।

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