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  • 1 Crore Machines Damaged, Preparing To Buy New Ones; 22 Lakh Compactor Standing Hiding Its Face For 3 Years, Dust Hopper Also Bad

स्वच्छता सुधार का अवॉर्ड मिला पर काम में सुधार नहीं:1 कराेड़ की मशीनें खराब, नई खरीदने की तैयारी; 3 साल से मुंह छिपाए खड़ा 22 लाख का काॅम्पेक्टर, डस्ट हॉपर भी खराब

हाेशंगाबादएक महीने पहले
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होशंगाबाद। फायर स्टेशन के पास बिगड़ी अवस्था में खड़ी डस्ट साफ करने की मशीन। इनसेट : खराब पड़ा उपकरण - Dainik Bhaskar
होशंगाबाद। फायर स्टेशन के पास बिगड़ी अवस्था में खड़ी डस्ट साफ करने की मशीन। इनसेट : खराब पड़ा उपकरण

स्वच्छता सुधार का अवॉर्ड पाने वाली नगरपालिका सफाई के कामों और इंतजामों में सुधार नहीं कर पा रही है। 1 करोड़ से ज्यादा की मशीनें कबाड़ हो गई हैं और शहर की सड़कों पर कचरा फैला रहता है। नपा स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 में भले तेजी से आगे बढ़ने वाला निकाय बना पर अभी भी पहली बार मिली 59वीं रैंक से नगरपालिका पीछे ही है। नपा शहर की सफाई कार्य में उपयोग होने वाली मशीनों की देखभाल नहीं कर पा रही है।

इस लापरवाही के कारण 22 लाख के काॅम्पेक्टर के साथ, 40 लाख की डस्ट हॉपर मशीन, 25 लाख की फूलाें से खाद बनाने की मशीन, फटका बेलिंग सहित कई मशीन खराब पड़ी है। नपा अब फिर से नई मशीनें खरीदने की तैयारी कर रही है। स्वच्छता नाेडल अधिकारी उपयंत्री प्रतिमा बेलिया ने बताया मशीनों की मरम्मत कराई जा रही है। नए संसाधनों की खरीदारी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। डंपिंग ग्राउंड में प्रोसेसिंग प्लांट के लिए जमीन की मांग जिला प्रशासन से की गई है।

300 के लगभग सफाई कर्मचारी

शहर में एक दशक में 70 से अधिक नई काॅलोनियां बस गई हैं। इससे करीब 20 मीट्रिक टन कचरा बढ़ा है। वर्तमान में शहर से 50 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। इसके निस्तारण का इंतजाम नहीं है। सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। ट्रेंचिंग ग्राउंड और जैविक खाद तैयार करने के साथ ही नपा कूड़ा निस्तारण को अब तक व्यवस्थित नहीं कर सका है।

काॅम्पेक्टर मशीन के टायर खराब, कांच भी फूटे, लॉगबुक का पता नहीं

नपा शहर का कचरा ट्रेंचिंग ग्राउंड में डंप कर रही है। कचरा फेंकने वाली काॅम्पेक्टर मशीन 3 साल से शोपीस बनी है। नपा ने 2016 में 22 लाख रुपए से कांपेक्टर मशीन खरीदी थी। 3 साल से इसका उपयाेग ही नहीं हुआ। मशीन के टायर खराब हाेने लगे हैं और ड्राइवर और कंडक्टर साइड के कांच भी फूट गए हैं। लंबे से समय से उपयाेग में नहीं लिए जाने के कारण मशीन की बैटरी भी खराब हाे चुकी है। नपा कार्यालय में मशीन की लाॅगबुक का भी काेई पता नहीं है। मशीन का रजिस्ट्रेशन कब हुआ इसकी जानकारी भी नहीं है।

कचरा कलेक्शन वाहन की कमी

हर वार्ड में कचरा उठाव के लिए गाडी तक नहीं है। घर-घर कूड़े का उठाव शत प्रतिशत नहीं होने से सड़कों पर कूड़े का ढ़ेर लगा रहता है। अभी 33 वार्ड में केवल 16 गाड़ी कचरा कलेक्शन का काम कर रही है। हर दिन एक न एक गाड़ी खराब रहती है।

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