अनदेखी:ब्लॉक में 50 फीसदी किसानों ने बेचा अनाज, संक्रमण सेे परिवहन में देरी

होशंगाबाद6 महीने पहले
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  • बढ़ते काेरोना संक्रमण से मंडी में नहीं आ रहे मजदूर, खुले में रखा अनाज

ब्लॉक में 50 प्रतिशत किसानों द्वारा अनाज बेचा जा चुका है, लेकिन संक्रमण के चलते परिवहन में देरी हो रही है। कुछ खरीदी केंद्रों पर मजदूरों की कमी देखी जा रही है गुरुवार को एसडीएम वंदना जाट और फूड इंस्पेक्टर शिव शंकर व्यास ने अधिकारियों के साथ ब्लॉक के कुछ खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया एवं गेहूं खरीदी व्यवस्था का जायजा लिया गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते ब्लॉक में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं की खरीदी का कार्य प्रभावित हो रहा है। मजदूरों की कमी के चलते खरीदी के अनुपात में गेहूं का परिवहन नहीं हो पा रहा है।

फूड इंस्पेक्टर शिव शंकर व्यास ने बताया कि सरकार द्वारा 1 अप्रैल से ब्लॉक में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है। गेहूं खरीदी के लिए 44 केंद्र बनाए गए थे 14 हजार किसानों ने अपना उपार्जन बेचने के लिए पंजीयन कराया था, जिसमें से अभी तक 6936 किसानों ने अपना उपार्जन बैच चुके हैं, जिनसे 72931 मैट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। कुल खरीदे गए गेहूं में से अभी तक 49 241 मैट्रिक टन गेहूं का परिवहन किया जा चुका है।

गुरुवार को ब्लॉक से 2019 मैट्रिक टन गेहूं का परिवहन हुआ, लेकिन अभी भी सभी खरीदी केंद्रों पर 23894 मैट्रिक टन गेहूं परिवहन के लिए रखा हुआ है। गौरतलब है कि संक्रमण से खरीदी केंद्रों पर मजदूरों की कमी हो रही है, जिससे परिवहन की गति धीमी चल रही है। वहीं तुलाई के लिए उपार्जन लेकर पहुंचे किसानों की संख्या में कमी देखी जा रही है। इसका प्रमुख कारण संक्रमण के चलते खरीदी केंद्रों पर किसानों का कम पहुंचना है।
गेहूं के परिवहन में हो रही है देरी, किसान परेशान

उपार्जन केन्द्र वृहताकार सेवा सहकारी समिति शोभापुर उप मंडी में 5 तारीख से गेहूं खरीदी चल रही है। केंद्र में नगर के अलावा ताला खेड़ी ग्राम भी शामिल है, लेकिन यहां पिछले 1 हफ्ते से परिवहन का कार्य रुका हुआ है। इससे मंडी में जगह कम पड़ गई है और किसान अपनी उपज नहीं लेकर आ पा रहे हैं।

इस संबंध में समिति प्रबंधक दयाशंकर पुरोहित ने बताया कि परिवहन के संबंध में ठेकेदार मुकेश जैन से संपर्क के बाद भी ट्रक नहीं पहुंचा रहे हैं। हम्माल लोडिंग का इंतजार करते रहते हैं और गाड़ियां नहीं पहुंचती हैं। कोरोना से मंडी में हम्मालों की कमी है। तुलाई का कार्य मंद गति से चल रहा है। मंडी से 2 गांव जुड़े होने के बाद भी मात्र दो तोल कांटे चल रहे हैं। किसानों का कहना है की प्रशासन (खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग) शीघ्र ही इस ओर ध्यान देवें।

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