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रेत खनन विवाद:तवा में मशीन चलाने का विराेध, 3.50 रुपए फीट रेत भराई की बात पर माने मजदूर

हाेशंगाबादएक महीने पहले
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होशंगाबाद| रेत मजदूरों के साथ बैठक करते प्रशासनिक अधिकारी। - Dainik Bhaskar
होशंगाबाद| रेत मजदूरों के साथ बैठक करते प्रशासनिक अधिकारी।
  • सबसे महंगा ठेका लेने वाले ठेकेदार ने की थी सीएम से शिकायत

पूरे प्रदेश में सबसे महंगा 262 कराेड़ में हाेशंगाबाद का रेत ठेका लेने वाले ठेकेदार और रेत खदान मजदूराें के बीच 5 दिन से चल रहा झगड़ा मंगलवार काे अधिकारियाें के हस्तक्षेप से सुलझ गया। पहले केवल जेसीबी, पाेकलेन सहित अन्य मशीनाें से उत्खनन के आदेश थे, जिसका मजदूर का विराेध कर रहे थे। अधिकारियाें के हस्तक्षेप के बाद यह तय हुआ कि माइनिंग प्लान के अनुसार तवा में मशीनें चलेंगी। मजदूराें को भी 3.50 रुपए फीट के हिसाब से रेत भरने की मजदूरी मिलेगी।

यानी 100 फीट रेत भरने पर 350 रुपए मजदूरी मिलेगी, जाे पहले से 50 रुपए कम हाेगी। मंगलवार काे ठेकेदार और मजदूराें की बैठक में तहसीलदार शैलेंद्र बड़ाेनिया, खनिज अधिकारी शशांक शुक्ला, माइनिंग कार्पाेरेशन, ठेका कंपनी आरकेटीसी के अधिकारी, रेत मजदूर नेता सहित पुलिस अधिकारी माैजूद रहे। तहसीलदार ने शैलेंद्र बडाेनिया ने बताया सभी खदान के मजदूराें के बीच मजदूरी काे लेकर सहमति बन गई है।

रेत खदान मजदूर महासंघ की मांग- ~500 हो मजदूरी
रेत खदान मजदूर महासंघ ने जनसुनवाई में ज्ञापन देकर 400 रुपए बरास (मजदूरी) 500 रुपए करने की मांग की। मजदूर महासंघ के प्रदेश संयाेजक भगवत शर्मा, धनराज रैकवार, जिलाध्यक्ष रमेश चाैरे, द्वारका दायमा ने मजदूरी बढ़ाने की मांग की है। बता दें कि 2020 तक तवा नदी में रेत मशीन से निकालने पर प्रतिबंध था। अब नए अनुबंध के अनुसार तवा में मशीनाें से रेत का खनन माइनिंग प्लान के अनुसार हाे सकता है।

सीएम ने किया था ठेकेदाराें से सीधा संवाद
शनिवार काे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चाैहान ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से रेत ठेकेदाराें से सीधा संवाद किया था। ठेकेदाराें की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा था की सरकार रेत ठेकेदारों की पूरी मदद करेगी। सीएम ने प्रदेश में रेत के अवैध कारोबार पर भी सख्ती से लगाम लगाने और रेत के वैध ठेकेदारों को परेशान नहीं देने का आश्वासन दिया था। सीएम ने खनिज अधिकारियाें काे रेत चाेरी सख्ती से रोकने के निर्देश दिए थे।

सीएम से बाेले थे ठेकदार- स्थानीय नेता नहीं करने दे रहे मशीनाें से रेत खनन
बता दें कि प्रदेश में सबसे महंगा रेत ठेका हाेशंगाबाद का हुआ है। 262 कराेड़ में ठेकेदार अमर अग्रवाल ने हाेशंगाबाद जिले की 118 खदानाें का ठेका लिया है। ठेकेदार ने सीएम से कहा था कि होशंगाबाद जिले में अनुबंध के बाद भी खनन नहीं करने दिया जा रहा है। स्थानीय नेता मशीनों से खनन नहीं करने दे रहे हैं। ठेकेदार के मुताबिक जिले की 118 खदानों से 80 लाख क्यूबिक मीटर रेत खोदना है, जाे बिना मशीनों के संभव नहीं है। नर्मदा की खदानों से मैन्युअल खनन करना है, लेकिन मजदूरों के रेट तय नहीं हैं। हर दिन 1 करोड़ रुपए का लॉस हो रहा है। सीएम ने बैठक में ही कहा था कि नर्मदा को छोड़कर बाकी जगह मशीन से उत्खनन करें। मजदूरों के रेट जिला प्रशासन तय कर देगा। इसके बाद मंगलवार काे खनिज विभाग और तहसीलदार के साथ मजदूराें की बैठक कर रेत खनन की दर तय कर की।

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