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कोरोना संक्रमण का प्रकोप:सरकारी अस्पताल का कोरोना वार्ड खाली, एक भी मरीज नहीं

होशंगाबाद24 दिन पहले
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पिपरिया। आइसोलेट लोगों के घर जाकर जानकारी लेते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
पिपरिया। आइसोलेट लोगों के घर जाकर जानकारी लेते अधिकारी।
  • शहर में 45 और गांव में 9 लोग आइसोलेट, सभी की हालत खतरे के बाहर

क्षेत्र में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रकोप धीरे धीरे शांत होता नजर आ रहा है। सरकारी अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती सभी मरीज ठीक होकर घर वापसी कर चुके हैं। कोरोना के सामान्य लक्षणों वाले 45 लोग शहरी क्षेत्र और नौ लोग ग्रामीण क्षेत्र में आइसोलेट चल रहे हैं जिनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। एसडीएम नितिन टाले और तहसीलदार राजेश बोरासी ने संयुक्त रूप से बताया कि सरकारी अस्पताल मे कोरोना मरीजों के लिए बनाया गया स्पेशल कोरोना वार्ड पूरी तरह से खाली हो गया है। यहां अप्रैल माह के दौरान 75 के आसपास तक मरीज भर्ती थे। एसडीएम ने बताया कि फीवर क्लीनिक चालू है और रोजाना 150 लोगों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है।

इसी के साथ वैक्सीनेशन का काम चल रहा है। तहसीलदार बोरासी ने बताया कि घर-घर जाकर सर्वे का काम भी जारी है। उन्होंने बताया कि नपा क्षेत्र में 45 लोग आइसोलेट चल रहे हैं इनके स्वास्थ्य पर लगातार निगाह रखी जा रही है।अप्रैल माह के मध्य में पिपरिया ब्लॉक के ग्रामीण इलाकों में 100 से भी ज्यादा लोग कोरोना वायरस संक्रमण या संदिग्ध कोरोना मरीज होने के कारण आइसोलेट चल रहे थे। अब इनकी संख्या केवल 9 पर सिमट आई है।

इसके बाद भी पूरी गंभीरता से इनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और इनकी हालत फिलहाल सामान्य है। जनपद पंचायत सीईओ शिवानी मिश्रा के द्वारा हाल ही में ग्राम सेमरी किशोर का निरीक्षण किया गया। यहां वे उन लोगों से मिली जिन्हें आइसोलेट किया गया है।

संबंधित व्यक्ति के द्वारा बताया गया कि जो दवाई उन्हें दी गई हैं उनका भी नियमित रूप से सेवन कर रहे हैं। कोरोना सावधानी भी रख रहे हैं जिसके चलते स्वास्थ्य में सुधार आ रहा है। जनपद कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल माह के मध्य में 100 से ज्यादा लोग पिपरिया के ग्रामीण इलाकों में आइसोलेट चल रहे थे।

इन लोगों के स्वास्थ्य पर लगातार निगरानी रखी गई। ग्रामीण इलाकों में पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी-स्वास्थ्य कार्यकर्ता के दल के द्वारा इन लोगों को दवाई और कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी सावधानी का पालन कराया गया।

दूसरी तरफ जनपद में एक कंट्रोल रूम बनाया गया जिसमें वीडियो कॉलिंग के माध्यम से आइसोलेट किए गए लोगों से रोजाना बातचीत की जाती थी और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती थी। ऐसा इसलिए किया जाता था की स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी बढ़ जाने पर संबंधित व्यक्ति को तत्काल सरकारी अस्पताल पिपरिया इलाज के लिए लाया जा सके।

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