लॉकडाउन से स्वच्छता:लाॅकडाउन के कारण शहर में 5 टन कचरा हुआ कम, बाजार और सेठानीघाट रहा साफ

हाेशंगाबाद8 महीने पहले
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  • ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरा 40 टन की जगह अब करीब 35 टन तक पहुंच रहा

लॉकडाउन के पहले दिन शहर में दूध डेरी और सब्जियों की दुकानों को छूट मिली है। हालांकि इन दुकानों को भी सीमित समय के लिए ही खोलने की अनुमति है। इसके अलावा अन्य दुकानों पूरी तरह से बंद रखने के आदेश हैं। इसका असर कचरा कलेक्शन में हुआ है।

शहर से निकलने वाले कचरे में करीब 5 टन कचरा कम हुआ है। जो हर रोज बाजार से निकलता था। इसका फायदा अब सेठानीघाट और मुख्य बाजार की सभी सड़कें साफ दिखाई दे रही है। इससे ट्रेंचिंग ग्राउंड पर 40 टन की जगह अब करीब 35 टन कचरा पहुंच रहा है। सामान्य दिन शहर से रोज करीब 40 टन कचरा निकलता है।

यह कचरा शहर से 32 से 35 टन तक ही उठ पाता था। इससे शहर में करीब दस टन छूटने वाले कचरे के कारण गंदगी फैलती थी। दुकाने बंद होने से इनका कचरा नहीं हो रहा है। लोगों केे घरों में भी अनावश्यक कार्टून, पॉलीथिन नहीं पहुंच रही है। इससे कचरे में भी कमी आई है। इससे शहर के प्रमुख मार्ग व चौराहों पर पूरी तरह से सफाई दिखा है। इस संबंध में स्वच्छता प्रभारी सुनील तिवारी का कहना है कि शहर से निकलने वाले कचरे में कमी आई है। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अब नालाें की भी सफाई कराने का काम किया जाएगा।

रात में सफाई करने वाले कर्मियों को राहत
लॉक डाउन के दौरान मुख्य बाजार सहित अन्य स्थानों की सभी तरह की दुकानें बंद है। जो किराना, दूध व सब्जियों की दुकानें खुल रही है। वह भी सीमित क्षेत्रों में है। ऐसे में अब रात के समय मुख्य बाजार की सफाई करने ड्युटी पर तैनात सफाई कर्मियों को काफी राहत मिली है।
लोगों के घरों से कम निकल रहा कचरा
लॉकडाउन के चलते लोग घरों से कम निकल रहे हैं। ऐसे में घर से थैला लेकर निकलने से बाजार से अनावश्यक पॉलीथिन व अन्य कचरा घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे कचरा वाहनों में भी कचरा कम पहुंच रहा है।

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