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मास्क फ्री चौपाल:इन गांवों मंे कोरोना का नहीं वैक्सीन लगवाने पर बीमार होने का खाैफ

होशंगाबादएक महीने पहले
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बुधबाड़ा गांव में घर के सामने बैठकर चर्चा करती हुईं गांव की महिलाएं। - Dainik Bhaskar
बुधबाड़ा गांव में घर के सामने बैठकर चर्चा करती हुईं गांव की महिलाएं।
  • शहर सेे लगे गांवों के हालात जानने पहुंचा भास्कर

शहर के आसपास के गांवों में काेराेना या तो पहुंचा नहीं या खत्म हो रहा है। भास्कर ने होशंगाबाद के आसपास के गांवों में पहुंच कर हालात देखे तो कोरोना से ज्यादा लोगों में वैक्सीन लगवाने पर बीमार होने का खौफ सामने आया। शहर से लगे बुधवाड़ा गांव में बिना मास्क लगाए बैठी महिलाओं की चौपाल लगी थी।

यहां बैठी सुमंत्रा बाई, छाेटी बाई, माया बाई, साेनाबाई से जब मास्क नहीं लगाने का कारण पूछा तो वे बोलीं- अच्छा खाना खाते हैं और काम करते हैं। मास्क लगाने की क्या जरूरत, हम खुले वातावरण में रहते हैं और गांव में बाहर वाले किसी को आने नहीं देते।

वैक्सीन लगवाने के सवाल पर बोलीं- जब हम ठीक हैं ताे काेराेना का टीका क्याें लगवाएं। चाैराहे पर डाल सिंह (75), रामभराेस यादव (47), पूरनलाल (64) मिले। उन्होंने बताया गांव में काेराेना का एक भी मरीज नहीं है। माता माई की कृपा से गांव की रक्षा हुई। भास्कर टीम पलासी गांव पहुंची। यहां करन प्रधान ने बताया गांव काे लॉकडाउन कर दिया था। 400 आबादी में काेई भी काेराेना के संक्रमण में नहीं आया है। यहां सुरेश सराठे (52) और मदनलाल (60) ने बताया गांव में काेराेना का टीकाकरण हाेने पर ही टीका लगवाएंगे।

पतलई गांव में चबूतरे पर मुकेश मेहरा (40) और विष्णु प्रसाद यादव (70) मिले। इन्होंने बताया गांव में काेराेना से काेई भी बीमार नहीं हुआ। खेड़ला के याेगेश गाैर ने बताया गांव में काेराेना का प्रभाव नहीं है। गांव के युवा वैक्सीनेशन के लिए डाेलरिया जाकर टीकाकरण करवा रहे हैं।

जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर नर्मदा किनारे का गांव बरंडुआ दूसरी लहर में भी कोरोना से बचा हुआ है। 729 आबादी के गांव में शहरों में संक्रमण फैलते ही रोक-टोक लगाना शुरू कर दी थी। ग्राम रोजगार सहायक नवीन ने बताया ग्राम में कोरोना कर्फ्यू का पालन सख्त रूप से कराया गया।

गांव के किसान दिनेश टाटू ने बताया गांव के पास वैक्सीनेशन सेंटर नहीं होने के चलते अभी तक केवल 17 लोगों ने ही वैक्सीन लगाया है। गौरव कीर ने बताया युवा वैक्सीनेशन करवाना चाहते हैं पर सेंटर दूर होने के कारण नहीं करवा रहे हैं। ग्राम पंचायत कुलामड़ी के 544 जनसंख्या वाले ग्राम पथाैड़ी में तीन माैत हुई हैं। इसमें एक ही परिवार के दाे सदस्य हैं वहीं एक अन्य भी शामिल हैं। अनिल पटेल ने बताया कि काेराेना से उनके माता वृषभानू पटेल (70) और पिता रामगाेपाल पटेल (75) की एक सप्ताह के भीतर माैत हाे गई।

मां पिता दाेनाें होशंगाबाद के विक्रम नगर रसूलिया में भाई अमित पटेल के साथ रह रहे थे। अमित ने मां काे 26 अप्रैल काे इटारसी के दयाल अस्पताल में भर्ती करवाया था। 27 काे भाेपाल के श्रृद्धा अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां 30 अप्रैल निधन हाे गया।

पिता रामगाेपाल काे कमजोरी और सांस की तकलीफ थी, 4 मई काे आईसीयू में भर्ती कराया ताे देर शाम काे निधन हाे गया। राेजगार सहायक विपिन धुर्वे ने बताया कि गांव में पॉजिटिव काेई भी नहीं है। यह होशंगाबाद में रहते थे। वहीं गांव के ही अर्जुन पटेल की माैत भी काेराेना से हुई है।

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