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गजब है एमपी पुलिस:पुलिस लाइन के गैरेज में खड़ी जिप्सी में 5 साल पहले लगी आग, अब मुकदमा दर्ज; आग लगी या लगाई को स्पष्ट करने में लगा समय

होशंगाबाद2 महीने पहले
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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो।
  • 2016 में पुलिस लाइन के गैरेज में खड़े जिप्सी वाहन में लगाई थी आग

होशंगाबाद में पुलिस की तत्परता का एक नया मामला सामने आया है। कोतवाली थाने में 5 साल बाद पुलिस लाइन में एक शासकीय वाहन के आग के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है। वाहन में आग लगी या लगाई गई थी, उसे साबित करने में 5 साल लग गए। लेकिन जांच में पुलिस आरोपी की पहचान नहीं कर पाई। अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मुकदमा दर्ज करने में देरी का कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट देरी से मिलना बता रहे है। देरी से पुलिस कार्यों पर सवाल उठे रहे कि जब स्वयं के विभाग के कार्य में इतनी देरी तो आम नागरिकों के कार्य के लिए कितनी तत्परता रहती है।

कोतवाली पुलिस के मुताबिक 23 नवंबर 2016 की रात 11.40 बजे पुलिस लाइन परिसर वाहन शाखा गैरिज में खड़े शासकीय वाहन में आग लगाई थी। इस मामले में पुलिस लाइन शाखा प्रभारी की ओर से आवेदन दिया गया था। आवेदन की जांच करने में पांच साल लगे। फॉरेंसिक रिपोर्ट में किसी के द्वारा आग लगने की पुष्टि होने के बाद 8 जून की शाम को कोतवाली थाने में आईपीसी की धारा 435, वाहन को जलाकर नुकसान पहुंचाने के मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

फॉरेंंसिक रिपोर्ट देरी से आई

मामले में एसपी संतोष गौर ने कहा कि नवंबर 2016 में पुलिस लाइन में खड़े एक वाहन में आग लगी थी। जिसकी जांच जारी रही। शुरुआत में आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं था। इसलिए फॉरेंसिक जांच कराई गई। रिपोर्ट में किसी के द्वारा आग लगाने का कारण स्पष्ट हुआ। केस दर्ज कर अब आरोपी की पहचान की जाएगी।

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