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गेहूं की खरीदी में हम अव्वल:35 दिन में प्रदेश में सबसे ज्यादा खरीदने वाला जिला हाेशंगाबाद, उज्जैन दूसरे नंबर पर

हाेशंगाबाद2 महीने पहले
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  • यहां हर किसान ने सबसे ज्यादा 108 क्विंटल गेहूं बेचा
  • किसानों को किया जा चुका है 7.72 करोड़ रुपए का भुगतान

गेहूं उत्पादन और समर्थन मूल्य पर खरीदी में इस बार भी होशंगाबाद जिला प्रदेश में अव्वल है। केवल 35 दिन में जिले के 61 हजार 763 पंजीकृत किसानों ने 6 लाख 68 हजार 259 मीट्रिक टन गेहूं बेचा। यानी एक किसान ने सर्वाधिक 108 क्विंटल गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचा। सभी किसानों को करीब 7 करोड़ 72 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। होशंगाबाद के अलावा उज्जैन जिला दूसरे नंबर पर है। इसके बाद विदिशा, सीहोर और रायसेन हैं।

सहायक जिला आपूर्ति नियत्रंक अनिल तंतुवाय ने बताया खरीदी के लिए पहली बार 2 महिला स्वयं सहायता समूह, 4 फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के अलावा 13 गोदाम संचालकों को भी खरीदी का काम दिया गया। महिलाओं, किसानों और गोदाम संचालकों के आने से समिति संचालकाें ने भी प्रतिस्पर्धा में खरीदी का काम जारी रखा। गेहूं की खरीदी 25 मई तक हाेगी। जिले में 248 खरीदी केंद्र बनाए हैं। इधर, मंडी में तुलाई के लिए किसान परेशान: होशंगाबाद| कृषि उपज मंडी में किसान शुक्रवार दोपहर तक गेहूं की उपज बेचने के लिए परेशान होते रहे। मंडी में करीब 50 ट्रॉली उपज से भरी खड़ी रही।

जिले के 91% रकबे में रबी फसल के लिए सिंचाई सुविधा
जिले के 61 हजार 763 किसानाें ने 6 लाख 68 हजार 259 मीट्रिक टन गेहूं बेचा। जिले में गेहूं के अच्छे उत्पादन का सबसे प्रमुख कारण बेहतर सिंचाई व्यवस्था है। जिले के 91 प्रतिशत रकबे में रबी फसल के लिए सिंचाई की सुविधा है। इनमें तवा नहर और कई किसान ट्यूबवेल से सिंचाई करते हैं।

इन इंतजामाें से रहे हम आगे

कंट्राेल रूम: गेहूं बेचने में किसानों को किसी प्रकार की समस्या आती भी है ताे उसके समाधान के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके फोन नंबर पर किसान अपनी समस्या दर्ज कराते हैं। किसानाें की समस्या का तुरंत निराकरण किया जाता है।

किसानाें काे सुविधा: किसानों को बैठने के लिए टेंट, पीने का पानी, अस्थायी शौचालय, फर्स्ट एड बाॅक्स, सैनिटाइजर, मास्क, हम्माल तुलावटी, किसानों के हाथ धुलवाने के लिए साबुन, केंद्र पर संस्था प्रबंधक, प्रशासक, केंद्र प्रभारी, सर्वेयर खरीदी कराने मेें जुटे हैं।

गाइडलाइन का पालन: किसान को खरीदी की ऑनलाइन प्रिंट रसीद देकर उनके गंतव्य की ओर भेजा रहा है। केंद्र पर सोशल डिस्टेसिंग और कोरोना गाइड लाइन का पालन कराया जा रहा है। खरीदे गए गेहूं के स्टॉक के स्टेक लगाकर तिरपाल की व्यवस्था की गई है।

निरीक्षण: तौलकांटों, धर्मकांटों का नापतौल विभाग के अफसर नियमित निरीक्षण कर रहे हैं। तौलकांटे के परीक्षण के लिए 50 किलो का सत्यापित बाट रखा गया है। किसानों के सामने तौलकांटे का 50 किलो के बांट से परीक्षण कर पंचनामा बनाया जाता है।

सत्यापन: केंद्रों के लिए नियुक्त नोडल अफसर रोज केंद्रों पर समस्याओं का निराकरण करने में जुटे हैं। पंजी में रोज उपस्थिति, समय, दिनांक सहित हस्ताक्षर भी कर रहे हैं। जिला विपणन अधिकारी वाहन लगाकर गेहूं का परिवहन कर भंडारण कर रहे हैं।

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