कोरोना सीजन:ऑक्सीजन देने में अस्पतालों की सासें फूली, पहले लगते थे 20 सिलेंडर, अब रोज 100

हाेशंगाबाद6 महीने पहले
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  • कोविड के मरीज बढ़े तो जिले में चार गुनी बढ़ी ऑक्सीजन की डिमांड, सप्लाई में कमी

काेराेना मरीजाें की सांसें बचाने वाले अस्पतालाें की ऑक्सीजन सप्लाई में अब सांस फूलने लगी है। पहले जहां एक अस्पताल में 20 सिलेंडर लगते थे अब 100 लग रहे हैं। दरअसल, काेराेना से पहले अस्पतालाें में ऑक्सीजन की जाे मांग थी वह अब चारगुनी बढ़ गई है। जिले में ऑक्सीजन की सीमित पूर्ति ही हाे पा रही है।

प्रदेश स्तर पर गहराये ऑक्सीजन का संकट जिले के निजी और सरकारी अस्पताल में देखने काे मिल रहा है। भास्कर ने अस्पताल संचालकाें से चर्चा की ताे पता चला कि ऑक्सीजन की काेराेना से पहले जाे मांग थी, वाे अब चार गुनी हाे गई है। इसके अलावा इटारसी अस्पताल में होने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई भी होशंगाबाद से की जा रही है।

1. जिला अस्पताल
काेराेना से पहले 12 से 15 ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग रहती थी। अब काेविड पेशेंट के कारण एक दिन में 80 से 100 सिलेंडर की अवश्यकता पड़ रही है। अस्पताल 300 बेड की क्षमता वाला है। 65 संदिग्ध मरीज भर्ती हैं। 138 बेड पर भर्ती पाॅजिटिव मरीजाें काे ऑक्सीजन सप्लाई दी जा रही है। 40 ऑक्सीजन कंसट्रेटर की मदद से मरीजाें काे ऑक्सीजन सपाेर्ट दे रहे हैं।

2. नर्मदा अस्पताल
नर्मदा अपना अस्पताल में 1600 लीटर ऑक्सीजन स्टाेर करने वाला टैंक है। यह सिर्फ 8 घंटे चल रहा है। पहले यह टैंक 3 दिनाें तक चलता था। इसके बाद भी 40 ऑक्सीजन सिलेंटर की अवश्यकता पड़ रही है। लेकिन सीमित सप्लाई ही मिल रही है। अस्पताल में 101 बेड हैं। लेकिन 65 बेड पर ऑक्सीजन सप्लाई दी गई है। कुल 70 बेट पर काेविड पाॅजिटिव मरीज भर्ती हैं।

3.अमृत हार्ट केयर सेंटर
अमृत हार्ट केयर सेंटर पर में पहले प्रतिदिन 5 से 6 ऑक्सीजन सिंलेंडर लगते थे। लेकिन अब अस्पताल में काेविड मरीजाें के कारण मांग एक दिन में 15 ऑक्सीजन सिलेंडर हाे गई है। लेकिन 5 से 7 ऑक्सीजन टैंक मिल रहे हैं।

मुश्किल से मिल रहे बेड, ऑक्सीजन और इंजेक्शन हैं ही नहीं

केस -1 : फ्लोमीटर लेकर खड़े रहे पेट खाली नहीं था इटारसी न्यास कॉलोनी रोड पर एलआईसी ऑफिस के पास रहने वालीं सीनियर सिटीजन महिला चंदा रायकवार को सांस लेने में तकलीफ हुई। उनको बीपी और शुगर भी है। इटारसी में डॉक्टर ने कहा सिलेंडर तो है पर फ्लोमीटर नहीं मिल रहा। परिजन फ्लो मीटर लेकर पहुंच गए लेकिन मरीज को भर्ती करने कोई बेड खाली नहीं था। एसडीएम अस्पताल पहुंचे तब महिला व मालवीयगंज के एक अन्य मरीज को भर्ती किया गया।
केस -2 : वेंटिलेटर की थी जरूरत, युवक ने दम तोड़ा
सूरजगंज के मोहित श्रीवास्तव (32) को सांस लेने में परेशानी आने लगी। ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिर रहा था। सरकारी अस्पताल में कोविड टेस्ट के लिए सैम्पल दिया, रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मुश्किल से अस्पताल में बेड मिला। 9 घंटे तक ऑक्सीजन पर रहा। मोहित को वेंटिलेटर की जरूरत थी। आखिरकार युवक ने दम तोड़ दिया। घर में पत्नी और साल भर का बच्चा है। परिवार की खुशियां तबाह हो गई।

  • जिले में ऑक्सीजन की कमी ताे है। हम लगातार मंडीदीप, भाेपाल, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर जिलाें से ऑक्सीजन काे ले रहे हैं। जिला अस्पताल बड़ा सेंटर है इसके साथ ही निजी अस्पतालाें में भी मरीजाें की संख्या के अनुसार ऑक्सीजन सप्लाई कर रहे हैं। - अभिषेक तिवारी, नोडल ऑक्सीजन सप्लाई
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