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INDIAN RAILWAY का इतिहास बयां करती बागरातवा सुरंग व पुल:1870 में मुंबई-कलकत्ता रेलवे मार्ग को जोड़ने अंग्रेजों ने बनाई थी सुरंग व पुल, 150 साल हुए पुरे

होशंगाबादएक महीने पहले
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जबलपुर-इटारसी के बीच में बागरातवा सुरंग - Dainik Bhaskar
जबलपुर-इटारसी के बीच में बागरातवा सुरंग

देश की आजादी के पहले 1870 में होशंगाबाद जिले में तवा नदी पर बनाया रेलवे पुल और बागरा सुरंग को 150 साल पुरे हो गए। ईस्ट इंडिया रेलवे (EIR) और ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (GIPR)ने इस सुरंग और पुल का निर्माण किया था। पुल और सुरंग 8 मार्च 1870 को बनकर तैयार हुई। 1870 में कलकत्ता और मुंबई को रेलवे मार्ग से जोड़ने के लिए इटारसी-जबलपुर के बीच इस पुल और सुरंग को तैयार किया गया। इस ऐतिहासिक पुराने पुल को 150 वर्ष पुरे हो गए है। बागरा सुरंग व पुल भारतीय रेलवे का इतिहास बयां करता है। 150 बाद भी पुल की मजबूती पिछले 10-12 सालों में बने पुलों से बेहतर है। पश्चिम मध्य रेल इस पुराने पुल के रखरखाव में विशेष ध्यान दे रही है। प्राचीन निर्माण कार्य शैली आज की धरोहर है और सभी गौरवान्ति करती है।

19 माह में बनकर तैयार हुआ था पुल

रेल लाइन पर सबसे पुराना तवा ब्रिज एवं बागरातवा सुरंग को बनाने का काम ईस्ट इंडिया रेलवे (EIR) और ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (GIPR) ने किया। ईस्ट इंडियन रेलवे और ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे के सिविल इंजीनियर रॉबर्ट मेटलैंड ब्रेरेटन 19 महीने में 08 मार्च 1870 को पूरा किया गया था।

तवा नदी पर 150 साल पुराना ब्रिज।
तवा नदी पर 150 साल पुराना ब्रिज।

रेलवे ब्रिज और बागरातवा सुरंग की खास बातें

जबलपुर-इटारसी के बीच में रेलवे ट्रैक पर नर्मदा नदी की सहायक तवा नदी पर यह पुल बनाया है। इससे सटी हुई बागरातवा सुरंग बनी है। सबसे महत्वपूर्ण कार्य, सुरंग के बाई ओर लगभग 300 मीटर वक्र था। तवा ब्रिज और बागरातवा सुरंग आज भी सोनतलाई और बागरातवा स्टेशनों के बीच ट्रैक के आठ किलोमीटर के हिस्से पर है। यह पुल तवा बांध से 07 किमी की दूरी पर स्थित हैं। इस पुल में 132 फिट के 02 स्पैन और 202 फिट के 04 स्पैन के नीचे वेब गर्डर है। इसके साथ 05 नग पियर और 02 नग एबटमेंट, जो तत्कालीन समय की एशलर महीन चिनाई से बनी है। पुल की ऊंचाई 22 मीटर है। यह पमरे के महत्वपूर्ण ब्रिजों में से एक अहम धरोहर के रूप में है। जिसे सन 1927 में रीगर्डर भी किया गया।

रेल मंत्रालय द्वारा ट्वीट किया।
रेल मंत्रालय द्वारा ट्वीट किया।

2020 में बना तवा नदी पर दूसरा पुल

पश्चिम मध्य रेलवे जोन के जबलपुर-इटारसी के बीच में बागरातवा और सोनतलाई स्टेशनों के बीच 8 किमी के हिस्से में दोहरीकरण का कार्य हुआ। पिछले साल 2020 में रेलवे ने तवा नदी पर एक अतिरिक्त नए पुल का निर्माण कराया। वर्तमान में तवा नदी पर अप और डाउन रेल लाइन से ट्रेनें गुजरती है।

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