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  • In 1948, Due To The Fear Of The Police, There Was No Branch In The Plains, In 2021, Volunteers Joined Online On The Fear Of Kareena

तकनीक का फायदा:पुलिस के डर से 1948 में मैदानाें में नहीं लगती थी शाखा, 2021 में काेराेना का डर पर ऑनलाइन जुड़ रहे स्वयंसेवक

हाेशंगाबाद6 महीने पहले
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  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ऑनलाइन लग रही शाखा, स्वयंसेवक हो रहे शामिल

कोरोना महामारी के कारण इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा मैदानों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर न लगकर ऑनलाइन हो रही है। शाखाएं लगनी तो पहले भी 1948, 1975 से 77 व 1992 में बंद थी। लेकिन उस समय और इस बार में अंतर है। उस समय शाखा लगाते हुए कहीं भी दिखने पर पुलिस पकड़कर ले जाती थी। इस कारण स्वयंसेवक शाखा कहीं नहीं लगाते थे।

इसबार कोरोना के कारण एक जगह इकट्ठा नहीं होने के चलते बाहर में शाखा नहीं लगा रहे हैं। इसलिए नर्मदापुरम सहित देश में कई जगहों पर स्वयंसेवकों ने ऑनलाइन शाखा लगानी शुरू की है। एप के माध्यम से एक साथ दर्जनों स्वयंसेवक अपने अपने घरों से मोबाइल या लैपटॉप के माध्यम से जुड़ जा रहे हैं और फिर शाखाएं लगती है। संघ प्रमुख डाॅ. माेहन भागवत ने अपने संदेश में भी कहा था कि सभी स्वयंसेवक अभी अपने अपने घरों पर ही संघ की प्रार्थना करें।

आरएसएस के प्रचार प्रमुख देवीसिंह मीणा ने बताया तात्कालिक परिस्थितियों में स्वयंसेवकों ने गूगल मीट एप के माध्यम से जुड़कर शाखा लगाने का विशेष प्रयोग किया है। यह अस्थाई व्यवस्था है। परिस्थिति व समय के अनुसार स्वयंसेवक प्रयोग करते रहते हैं। कोरोना वायरस का प्रकोप समाप्त हो जाने के बाद फिर से पहले जैसी शाखाएं लगनी शुरू हो जाएगी।

बड़ी संख्या में जुड़ रहे स्वयंसेवक

नर्मदापुरम में पिछले दिनों से इस तरह का प्रयोग चल रहा है। सुबह 7 बजे का समय निर्धारित किया गया। स्वयंसेवक अपने घरों से से ही एप से जुड़ने लगे। अभी जहां भी इस तरह से शाखा लगाई जा रही है वहां योग, प्राणायाम व सामूहिक गीत के बाद प्रार्थना होती है। एक घंटे की ही शाखा घरों से लग रही है। इस अस्थाई व्यवस्था को पूरे देश में स्वयंसेवक अपना रहे हैं।

संघ का प्रचार विभाग कर रहा कई प्रयोग
घरो में रहने वाले स्वयंसेवकों के लिए संघ का प्रचार विभाग कई प्रयोग कर रहा है। लोगों को पुस्तक पढने के आनलाइन लिंक भेज रहा है। ऐसी व्यववस्था जब तक लॉकडाउन रहेगा तब तक के लिए की जा रह है। पिछले दिनों बौद्धिक विभाग ने आनलाइन प्रतियोगिता आयोजित की थी।

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