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  • In Two Years, Only 20 Tickets Were Made From The Swap Machine At The Railway Station; Passengers Not Making Digital Payments On The Reservation Window Of The Station

जागरूकता की कमी कहें या अरूचि:रेलवे स्टेशन पर दो साल में सिर्फ 20 टिकट ही स्वैप मशीन से बने; स्टेशन की रिजर्वेशन विंडाे पर डिजिटल भुगतान नहीं कर रहे यात्री

हाेशंगाबादएक महीने पहले
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रेलवे ने देश में शुरू की गई डिजिटल इंडिया अभियान के तहत रेलवे स्टेशन के टिकट विंडाें काे अपडेट कर दिया है। लेकिन जागरूकता की कमी और समय अवधि के कारण डिजीटल पेमेंट में लाेगाें की रूचि अब तक दिखाई नहीं दे रही है। शहर के रेलवे स्टेशन पर प्लेट फार्म क्रमांक 1 पर बनी रिजर्वेशन विंडाें में पिछले दाे साल में केबल 20 टिकट ही डिजीटल पेमेंट से बनाई गई हैं।

डिजीटल पेमेंट नहीं करने के पीछ मुख्य वजह समय की है। नगद पेमेंट प्रणाली से एक टिकट में 2 से 3 मिनट का समय लगता है। जबकि डिजीटल पेमेंट में 10 से 15 मीनट का समय लगता है। इसके कारण लाेगाें की कम रूची है। दूसरा कारण यह भी है कि लाेग स्वेप मशीन का उपयाेग करने से ज्यादा नगद पेमेंट करने में ज्यादा भराेसा रखते हैं।

जबकि रेलवे ने रेल यात्रा करने वाल उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सभी भुगतान डिजिटल प्लेटफार्म से शुरू कर दिए हैं। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल रेल मंडल ने कैश लेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए मंडल के प्रमुख रेलवे स्टेशनों हरदा, इटारसी, होशंगाबाद, हबीबगंज, भोपाल, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, गंजबासौदा, बीना, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी स्टेशनाें पर स्थित आरक्षण काउंटरों पर प्लेटफार्म टिकट एवं आरक्षण टिकट का भुगतान करने के लिए पीओएस मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से यात्री प्लेटफॉर्म एवं आरक्षण टिकट का भुगतान डेबिट-क्रेडिट कार्ड से कर सकते हैं।

इसके अतिरिक्त मंडल के सभी आरक्षण कार्यालयों एवं खिड़कियों पर यूपीआई (यूपीआई) के माध्यम से भी आरक्षण टिकट का भुगतान किया जा सकता है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक विजय प्रकाश नें बताया कि इस सुविधा के उपयोग करने से यात्री को अपने पास नगद राशि रखने की झंझट से मुक्ति मिलेगी।

इस सुविधा से कोविड संक्रमण से बचने में भी मदद मिलेगी। रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वह प्लेटफॉर्म टिकट अथवा आरक्षण टिकट खरीदते समय नगद भुगतान करने से बचें। भुगतान के लिए काउन्टरों पर उपलब्ध पीओएस मशीन एवं यूपीआई (यूपीआई) माध्यमों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें।

  • रेलवे ने टिकट विंडाें के पर भुगतान के लिए डिजीटल सुविधा दी है। लेकिन स्थानीय स्तर पर उपभाेक्ता स्वेप मशीन का कम उपयाेग कर रहे हैं। इसके प्रचार के लिए हम समय समय पर उपभाेक्ताओं काे जागरूक कर रहे हैं। लेकिन कम टिकट का भुगतान ही डिजीटल पीओएस मशीन से हाेता है। - अनीता ब्रजेश,सीबीपीएस हाेशंगाबाद
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