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टिमटिमाती सुरंग:मिडघाट के टनल में 500 टारगेट लगाए; पहाड़ धंसकने की होगी निगरानी

होशंगाबाद8 दिन पहले
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सुरंग में ऐसे 500 टारगेट लगाए गए हैं, जो अंधेरे में तारों की तरह टिमटिमाते हैं। - Dainik Bhaskar
सुरंग में ऐसे 500 टारगेट लगाए गए हैं, जो अंधेरे में तारों की तरह टिमटिमाते हैं।

बुदनी- बरखेड़ा के बीच मिडघाट पर बनाई जा रही तीसरी रेल लाइन के लिए 1 किमी लंबी सुरंग का दूसरा छाेर निकल आया है। सुरंग में अंधेरे के बीच अंदर सितारे के समान टागरेट (ऑब्जर्वेशन मीटर) टिमटिमा रहे हैं। टनल की भाैगाेलिग स्थिति, पानी का रिसाव, धंसकने की स्थिति की निगरानी के लिए कंपनी ने पूरी सुरंग में 500 से ज्यादा टारगेट लगाए हैं।

इनसे कंपनी ऑब्जर्वेशन कर रही है कि टनल में कहीं से धंकसने की स्थिति ताे नहीं बन रही। मिडघाट सेक्शन में सबसे बड़ी 1 किमी की टनल काे आंध्रप्रदेश की मैक्स इंफ्रा कंपनी बना रही है। टनल काे कंट्राेल ब्लास्टिंग और बूमर मशीन की मदद से ड्रिल करके बनाया गया है।

यह होते हैं टारगेट
टनल निर्माण कंपनी के अधिकारियाें के मुताबिक टनल में टारगेट पाइंट सेट किए हैं। टारगेट पाॅइंट एक छाेटे मीटर के समान हाेते हैं, जाे यह बताते हैं कि पहाड़ के नीचे बनी टनल में कहीं पर धंसकने की स्थिति निर्मित ताे नहीं हाे रही है। पानी का रिसाव ताे नहीं हाे रहा है।

सुरंग में निगरानी के लिए हर 5 मीटर में 5 टारगेट लगाए गए हैं। करीब 500 से ज्यादा टारगेट लगाए गए हैं। इससे कंपनी जिस पहाड़ के नीचे बनी टनल में कहीं पर धंसकने की स्थिति निर्मित ताे नहीं हाे रही है। इसकी माॅनिटरिंग की रही है।

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