काेराेना के कहर से हर तरफ त्राही मची है:10 दिन में काेराेना काे हराया, डाॅक्टराें, नर्सिंग स्टाफ के सामने नतमस्तक हो गए ‘गोविंद’

हाेशंगाबाद6 महीने पहलेलेखक: सुमित शर्मा
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  • सब कुछ थमा है, इस आपातकाल जैसी स्थिति में आज पहली खबर डॉक्टरों
  • नर्सिंग स्टाफ के सेवाभाव की जो डटे हैं जिंदगी बचाने में। मंदिर बंद हैं, तो धरती के भगवान (डॉक्टर) को प्रणाम करें

काेठारिया वार्ड-7 (बाबई) के गोविंद यादव (42) ने कोरोना 10 दिन में मात देकर स्वस्थ हो गए। यह तस्वीर है बाबई में सीनियर अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में बने काेविड केयर सेंटर की जहां काेराेना से जीतकर घर जाते वक्त गाेविंद डाॅक्टराें और पैरामेडिकल स्टाफ के पैर पड़कर धन्यवाद देने से रोक नहीं पाए। गोविंद 19 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हुए।

गोविंद 20 अप्रैल को कोविड केयर सेंटर में भर्ती हुए तब उन्हें 102 डिग्री बुखार था। ऑक्सीजन लेवल 50, पल्स रेट 60 थी। गोविंद गले में खराश, घबराहट, कमजाेरी महसूस हाे रही थी। कोविड प्रोटोकॉल के तहत दिन में दो बार डॉक्टर हाल-चाल जानने आते। नर्सिंग स्टाफ जब भी आता स्वस्थ हो चुके लोगों की बातें बताता। बीएमओ डॉ. रोहित शर्मा ने बताया गोविंद तीन दिन में रिकवर होने लगे और बुधवार को उन्होंने कोरोन को हराकर जिंदगी जीत ली।

धूप सेंकी, सोशल मीडिया से बनाई दूरी
जब मेरी उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई तो मैं बहुत घबराया। मुझे हर पल यही डर सता रहा था कि ठीक होऊंगा या नहीं। कोविड केयर सेंटर के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ ने अच्छे से देखभाल और इलाज किया। मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। मैंने भी उनकी बताई बातों को माना। राेज 20 मिनट धूप सेकी। समय पर भरपेट भोजन किया। कोरोना की बुरी खबरों से दूर रहने के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाई। जब मैं ठीक हुआ तो डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के पैर पड़ने से खुद को रोक नहीं पाया। क्योंकि उन्होंने मेरी जिंदगी बचाई। - गोविंद यादव, कोरोना फाइटर

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