होशंगाबाद अलर्ट पर / 5 किमी में फैला टिड्डी दल नसरुल्लागंज जंगल में, अफसरों ने डाला डेरा

सीहोर जिले के नसरुल्लागंज क्षेत्र में उड़ता टिड्‌डी दल। सीहोर जिले के नसरुल्लागंज क्षेत्र में उड़ता टिड्‌डी दल।
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सीहोर जिले के नसरुल्लागंज क्षेत्र में उड़ता टिड्‌डी दल।सीहोर जिले के नसरुल्लागंज क्षेत्र में उड़ता टिड्‌डी दल।

  • हरदा से टिड्डी दल खंडवा तरफ मुड़ा, दूसरा टिमरनी में, नया दल नसरुल्लागंज तरफ से

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

हाेशंगाबाद. दाे दिन से हरदा जिले में घुसा टिड्डी दल शुक्रवार काे खंडवा की अाेर मुड़ गया लेकिन इछावर-नसरुल्लागंज के रास्ते दूसरे टिड्डी दल के जिले में आने की आशंका बढ़ गई। शुक्रवार रात नसरुल्लागंज तहसील के लाड़कुई (रफीकगंज) के जंगल में टिड्डियाें ने अटैक किया। यानी हाेशंगबाद जिले से केवल 50 किमी दूर है। इस टिड्डी दल का दायरा करीब 5 किमी का है। सीहाेर और भाेपाल प्रशासन के अधिकारी टिड्डियाें काे स्प्रे से मारने के लिए जंगल में डटे रहे लेकिन टिड्डियां जमीन पर नहीं उतरीं। कृषि उप संचालक जितेंद्र सिंह और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी संजय पाठक ने बताया पावन गांव और नसरुल्लागंज के नर्मदा तटीय क्षेत्र से टिडि्डयों का खतरा है। किसानाें काे मुनादी कराकर अलर्ट किया है।
सीहाेर कृषि उप संचालक एसएस राजपूत ने बताया शुक्रवार शाम को रफीकगंज लाड़कुई के जंगल में है। रात में टिड्डियाें के जमीन पर बैठने के बाद उन्हें स्प्रे से नष्ट करने का प्लान है। फॉरेस्ट के साथ, राजस्व, कृषि अधिकारी सामूहिक अभिचान चलाएंगे।

दाे दलाें में बंटी टिड्डियां लेकिन खतरा टला नहीं 
हरदा जिले के करीब 12 गांवाें अटैक कर चुकी टिड्डियां शुक्रवार काे दाे दलाें में बंट गईं। एक दल हरसूद के रेवापुर गांव चला गया दूसरा दल टिमरनी के पानतलाई छिदगांव में है। इधर, नसरुल्लागंज तहसील में नर्मदा तटीय क्षेत्र में टिड्डियां के आने की पूरी आशंका है। हाेशंगाबाद जिला प्रशासन ने नर्मदा के तटीय और सीहाेर से लगे गांवाें में अलर्ट जारी किया है।

किसान चिंतित, खेताेें में बिता रहे हैं पूरी रात
कांदई हिम्मत गांव के किसान नवल सिंह खेत में टिड्डियाें काे भगाने के इंतजाम करके बैठे हैं। रूपापुर गांव के किसान रजत दुबे ने बताया अगर टिड्डी दल मूंग के खेत में आ गया तो 70 फीसदी नुकसान हो सकता है। इसी चिंता में किसान शाम से खेतों में जाकर पहरा दे रहे हैं. किसानों ने अपने पास थाली, टीन-टपारे और बाजे रख लिए हैं।

जानिए टिड्डी दल आखिर इतना खतरनाक कैसे

  • एक दल 20 से अधिक किमी लंबा रहता है।
  • 10 से 15 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ने की खासियत
  • शाम 7 से 9.30 बजे तक जमीन पर अस्थाई डेरा डालता है।
  • रात 12 से सुबह 5 बजे तक जमीन और पेड़ पर अचेत रहता है। यही समय टिड्डी दल काे मारने का है। 
  • एक टिड्डी एक बार में 500 से 1500 अंडे देती है। झुंड में फसलों, सब्जियाें काे नष्ट करती हैं।

कमजाेरी 

  • टिड्डी दल हवा की दिशा में ही उड़ सकता है। स्वयं हवा के विपरीत नहीं उड़ सकता।
  • शाेर और धुएं से डरता है। इस कारण जमीन या पेड़ाें पर नहीं उतरता।​​​​​​​

ऐसे भगाएं :

  • धुआं करके, कीटनाशक स्प्रे करें।
  • थाली, ढोल या पीपे, डीजे बजाएं।
  • साइलेंसर निकालकर बाइक या ट्रैक्टर दाैड़ाएं।
  • सामूहिक रूप से हाथ हिलाकर शाेर मचाएं।

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