होशंगाबाद का नाम बदलने की घाेषणा के 7 दिन पूरे:नर्मदापुरम का प्रस्ताव राजस्व विभाग पहुंचा, केंद्र सरकार से मांगेंगे अनुमति

हाेशंगाबाद8 महीने पहले
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सांकेतिक फोटो - Dainik Bhaskar
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  • नाम बदले इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पहले नर्मदा का प्रदूषण मिटाए: कांग्रेस विधायक

हाेशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। नर्मदा जयंती पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा के बाद 7 दिन में शहर और जिले दोनों का नाम बदलने का प्रस्ताव प्रदेश के राजस्व विभाग को पहुंच गया है। सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शहर का नाम बदलने का प्रस्ताव पास कर प्रशासन काे भेज दिया है।

वहीं, जिले का नाम बदलने का प्रस्ताव भेजने की पुष्टि एडीएम जीपी माली ने की है। अब राजस्व विभाग अनुमति के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को फाइल भेजेगा। वहां से अनुमति मिलने पर ही नाम परिवर्तन की अधिसूचना सरकार जारी कर सकती है।

यह प्रक्रिया कितने दिन में पूरी हाेगी, यह मुख्यमंत्री और राज्य शासन की इच्छाशक्ति और प्रयासों पर ही निर्भर है। जिले का नाम बदलना राज्य के अधिकार में है, लेकिन केंद्र की अनुमति के बिना रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफिस आदि का नाम नहीं बदला जा सकता। केंद्रीय गृह मंत्रालय का सर्कुलर भी यही कहता है कि उनकी अनुमति लिए बिना नाम परिवर्तन नहीं किया जा सकता।

उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद 5 दिन में ही हो गया था प्रयागराज

शहर या जिले का नाम कितने दिन में बदलता है, इसकी कोई निर्धारित सीमा नहीं है। यह प्रदेश सरकार के प्रयासों पर ही निर्भर है। उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अक्टूबर 2018 में इलाहाबाद का नाम 5 दिन में ही प्रयागराज करवा लिया था। राज्य कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर राज्यपाल से नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी करवाई गई। केंद्र सरकार ने 2 महीने बाद दिसंबर 2018 में अनुमति दी थी।

पहले से चल रही थी प्रक्रिया, प्रस्ताव नए सिरे से बनवाया

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजने के लिए पत्र पहले भेजे जा चुके थे। घोषणा के बाद तत्काल हाेशंगाबाद जिला प्रशासन से प्रस्ताव बुला लिया। प्रस्ताव हमें मिल चुका है, अब यह गृह मंत्रालय भेजा जाएगा।

इसे कैबिनेट में पास कराना वैकल्पिक है। कैबिनेट की स्वीकृति के पहले भी भेजा जा सकता है। 1996 से होशंगाबाद का नाम नर्मदापुर करने की मांग थी। इसके लिए पूर्व में प्रस्ताव भेजे भी जा चुके हैं लेकिन राज्य व केंद्र में अलग-अलग पार्टी की सरकार होने से मंजूर नहीं हुए। इस बार नया प्रस्ताव भेजा है। पहले यह नर्मदापुर नाम से था।

राज्य का अधिकार पर गृह मंत्रालय की अनुमति जरूरी

  • जिले का नाम बदलना राज्य सरकार का अधिकार पर गृह मंत्रालय की अनुमति जरूरी। अनुमति ही सबसे अहम है।
  • अनुमति मिलने पर सरकार अधिसूचना जारी करती है।
  • अधिसूचना के बाद राज्य सरकार के विभागों में नाम परिवर्तन तत्काल हो जाता है, केंद्र के रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफिस आदि में समय लगता है।
  • न्यायालयीन दस्तावेजों में परिवर्तन वरिष्ठ न्यायालयों की अनुमति से ही होता है, कई शहर हैं, जिनके नाम बदल गए लेकिन कोर्ट पुराने नाम से ही चल रहे हैं।

कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह विधानसभा में बोले- पहले नर्मदा को साफ करो, जल आचमन योग्य भी नहीं

होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम करने की मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह व उनके भाई लक्ष्मण सिंह इस मामले में कूदे हैं। दिग्विजय सिंह ने नाम बदलने के बजाय रोजगार देने का बयान चार दिन पहले दिया था। बुधवार को मुद्दा विधानसभा में भी उठा। राज्यपाल के अभिभाषण में होशंगाबाद का नाम नर्मदापुरम किए जाने की जानकारी दी गई।

इस पर कांग्रेस से चांचौड़ा विधायक लक्ष्मण सिंह ने विधानसभा में कहा- सरकार होशंगाबाद का नाम बदले इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पहले नर्मदा का प्रदूषण मिटाए। नर्मदाजल आचमन के योग्य भी नहीं है। इधर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सत्येंद्र फाैजदार ने बताया कि नर्मदा हमारी जीवनदायनी है। हर हाल में पूजनीय है। हर रूप में स्वीकार है। मां नर्मदा जीवन दे रही है। विधानसभा में नर्मदा काे लेकर किसने क्या कहा इस पर कुछ नहीं कहूंगा।

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