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नई शिक्षा नीति:अब कॉलेज में 4 की जगह 6 विषय पढ़ना होंगे

होशंगाबाद22 दिन पहले
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  • 1 जुलाई से लागू होगी नीति, 7 की जगह 9 पेपर हाेंगे, बीच में पढ़ाई छोड़ने पर पहले साल में सर्टिफिकेट, दूसरे में डिप्लोमा और तीसरे साल में डिग्री मिलेगी

1 जुलाई से काॅलेजाें में नई शिक्षा नीति लागू होगी। इस सत्र में बारहवीं पास कर यूजी फर्स्ट ईयर में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को अपने मूल विषय और फाउंडेशन कोर्स के साथ एक वैकल्पिक (जैनरिक) और एक व्यावसायिक कोर्स पढ़ना पड़ेगा। अब स्टूडेंट्स को 4 विषय के 7 पेपर की बजाए 6 विषयों के 9 पेपर देना होंगे।

खास बात यह है कि स्टूडेंट्स मूल संकाय के दाे विषय ताे चुनना ही हाेंगे तीसरा स्वैच्छिक हाेगा। चाैथा वैकल्पिक (जैनरिक) विषय में आर्ट्स, काॅमर्स, साइंस और एनसीसी भी चुन सकेंगे। पांचवां व्यावसायिक और छठवां फाउंडेशन कोर्स रहेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने नए सत्र में नई शिक्षा नीति के अनुसार स्टूडेंट्स को मल्टी डिसिपल्नरी (बहुआयामी) शिक्षा देने की तैयारी कर ली है।

शिक्षण की नई व्यवस्था में बीच में पढ़ाई छोड़ने पर भी स्टूडेंट को पहले साल में सर्टिफिकेट, दूसरे साल में डिप्लोमा और तीसरे साल में डिग्री की पात्रता होगी। विशेषज्ञों की टीम बनाकर लगातार 80 बैठकों में पाठयक्रम तैयार हुआ है। नए सिलेबस के अनुसार लेक्चर बनाने प्राध्यापकों का चयन हुआ है।

ऐसे दी जाएगी मल्टी डिसिप्लीनरी शिक्षा

पहले यह होता था

  • आर्ट्स, कॉमर्स या विज्ञान फैकल्टी से बारहवीं पास स्टूडेंट्स क्रमशः बीए, बीकॉम, बीएससी में एडमिशन लेते थे।
  • विज्ञान या कॉमर्स की फैकल्टी से आए छात्र कॉलेज में स्ट्रीम बदल सकते थे, लेकिन आर्ट्स के छात्र को केवल आर्ट्स के विषयों में ही एडमिशन मिलता था।
  • अपनी पसंद का कोई वैकल्पिक विषय या व्यवसायिक डिप्लोमा पाठ्यक्रम काॅलेज की पढ़ाई के साथ नहीं किया जा सकता था।

अब यह होगा

  • 12वीं में आर्ट्स, कोमर्स, साइंस के स्टूडेंट कॉलेज में फर्स्ट ईयर में अपनी फैकल्टी के 3 विषय कोर सब्जेक्ट की तरह पढ़ेगा।
  • 3 कोर विषय के साथ स्टूडेंट को दूसरी दो फैकल्टी में से किसी एक विषय का जेनरिक पढ़ना होगा। जिसमे एनसीसी भी शामिल होगी। जिसकी 100 अंकों की परीक्षा भी मूल विषयों की तरह देना होगी।
  • स्टूडेंट कॉलेज में संचालित हो रहे या अन्य योजनाओं से संस्थानों में चल रहे व्यावसायिक डिप्लोमा कर सकेंगे।

क्या होगा जैनरिक पाठयक्रम
आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस तीनों मूल विषयों में 10 से 15 जेनरिक विषय शामिल होंगे। जिसमें संबंधित विषय के बेसिक नॉलेज का 60 घंटे का अध्ययन होगा। तीन साल में जेनरिक विषय को ऐसे पढ़ाया जाएगा जिससे उस विषय के ज्ञान का स्टूडेंट आजीविका के लिए उपयोग कर सके। उदाहरण के लिए संस्कृति का जेनरिक पढ़ने वाले को ज्योतिष और वैदिक शिक्षा दी जाएगी।

एनसीसी होगा वैकल्पिक विषय
कॉलेज के नए स्टूडेंट एनसीसी को भी वैकल्पिक विषय में चुन सकेंगे। लेकिन यह सुविधा उन्हीं महाविद्यालय में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट को मिलेगी। जहां एनसीसी की इकाई संचालित है। ऐसे ही केवल आर्ट्स विषय के कॉलेजों में एडमिशन लेने वालों को विकल्प में कॉमर्स का जैनरिक तो मिलेगा लेकिन विज्ञान का नहीं।

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