पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मजदूरों की अब नहीं होगी जरूरत:धान रोपाई के लिए अनुदान पर मिलेगी पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन

होशंगाबादएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मजदूरों की कमी के कारण नहीं होगा धान रोपाई का काम बाधित, लाभ उठाएं किसान

धान की रोपाई का समय नजदीक आ रहा है। कोरोना महामारी के कारण मजदूरों की कमी किसानों के सामने बड़ी समस्या बनती जा रही है। इस समस्या को देखते हुए कोरोना काल में धान की रोपाई के लिए पैडी राइस ट्रांसप्लांटर मशीन किसानाें के लिए बेहतर विकल्प बनेगा। यह कहना है सहायक कृषि यंत्री पवारखेड़ा अश्विनी सिंह का। उन्होंने बताया कि इस मशीन के उपयोग से न केवल बाहर से मजदूर लाने की समस्या दूर होगी बल्कि किसान के मजदूरी के पैसे की भी बचत होगी। उप संचालक कृषि जितेंद्र सिंह ने बताया है कि धान की रोपाई के लिए पैडी राइस ट्रांसप्लांटर एक आदर्श मशीन है। सहायक कृषि यंत्री पवारखेड़ा ने बताया कि गत वर्ष कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम पालासी के किसान अंजनेय अग्रवाल तथा ग्राम-पतलई खुर्द के किसान शैलेंद्र जोशी के खेत में इस मशीन का प्रदर्शन कराया गया।

प्रदर्शन से लाभांवित होकर दोनों ही कृषकों ने शासन की अनुदान योजना का लाभ लेते हुए मशीन क्रय की तथा इस वर्ष अग्रवाल द्वारा 50 हेक्टेयर में तथा जोशी के द्वारा लगभग 30 हेक्टेयर में मशीन से धान रोपाई की तैयारी की जा रही है। पैडी राइस ट्रांसप्लांटर द्वारा एक बार में 4, 6 अथवा 8 रो में रोपाई की जा सकती है। इसकी अनुमनित कीमत 3 लाख रुपए से 10 लाख रुपए (8 रो के लिए) है। इस मशीन के उपयोग से 1 हेक्टेयर में सभी खर्च मिलाकर लागत लगभग 2 से 3 हजार तक आता है, तथा परंपरागत पद्धति से रोपे गए फसल में की तुलना में उत्पादन में लगभग 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि होती है। उप कृषि संचालक जितेंद्र सिंह का कहना है कि किसानाें के लिए यह मशीन अनुदान पर उपलब्ध है। किसान इसका लाभ संचालक कृषि अभियात्रिकी में आवेदन करके उठा सकते हैं। किसानों को यह मशीन 40 से 50 प्रतिशत के अनुदान पर मिलेगी।

खबरें और भी हैं...