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खरीदी व्यवस्था में खामियां:गेहूं परिवहन नहीं होने से किसानों का भुगतान रुका

पिपरियाएक महीने पहले
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किसान समर्थन मूल्य पर अपना गेहूं बेच रहे हैं, लेकिन गेहूं खरीदी की प्रक्रिया में जो खामियां सामने आ रही हैं, उनका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। अभी लगभग डेढ़ लाख क्विंटल गेहूं का परिवहन बाकी है, इसके चलते सैकड़ों किसानों को गेहूं का भुगतान नहीं हो पाया है। किसानों का कहना है कि व्यवस्था में जो खामी हैं उनमें सुधार कर हमें समय पर गेहूं का भुगतान किया जाना चाहिए।

नागरिक आपूर्ति निगम के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का काम कर रही कृषक सेवा सहकारी समितियों के पर्यवेक्षक जिला सहकारी बैंक प्रबंधक प्रमोद पुरोहित ने बताया कि किसानों से समितियां गेहूं खरीदी कर उन्हें खरीदी पर्ची दे देती हैं। खरीदे गए गेहूं को वेयरहाउस में जमा कराया जाता है। जब गेहूं वेयरहाउस में जमा होता है, उस समय उसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दी जाती है। जिससे यह पता चलता है कि गेहूं सरकार के पास आ चुका है और उसके उनका भुगतान हो जाता है। जब तक वेयरहाउस में गेहूं की एंट्री नहीं होती तब तक माना जाता है गेंहू नहीं आया है।

अभी परिवहन बंद है, भुगतान में विलंब
वर्तमान में पिपरिया ब्लॉक के विभिन्न गेहूं खरीदी केंद्रों पर लगभग डेढ़ लाख क्विंटल परिवहन ना होने के कारण वेयरहाउस में जमा नहीं हुआ है। अभी तक खरीदे गए कुल गेहूं के लिए 6850 किसानों को भुगतान किया जा चुका है। वेयरहाउस में जो गेहूं जमा नहीं हुआ है उसके लिए 800 से 1000 किसानों को लगभग 29 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है। वेयर हाउस तक परिवहन ना होने से यह गेहूं शासकीय रिकाॅर्ड में नहीं आ पाया है, इसीलिए इस गेहूं का भुगतान नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है कि हमने अपना गेहूं दे दिया, लेकिन व्यवस्था की खामी के चलते हमें भुगतान में विलंब हो रहा है।

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