हनीट्रैप गैंग के ब्लैकमेलर पुलिसकर्मियों की जमानत निरस्त:केस दर्ज होने के बाद से फरार है खाकी पर दाग लगाने वाले पुलिसकर्मी, आरोपी को ढूंढने में पुलिस की कार्रवाई ठंडी

होशंगाबाद2 महीने पहले
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हनीट्रैप गैंग में ब्लैकमेलिंग के आरोपी पुलिसकर्मी। - Dainik Bhaskar
हनीट्रैप गैंग में ब्लैकमेलिंग के आरोपी पुलिसकर्मी।

होशंगाबाद में खाकी वर्दी को दागदार करने वाले हनीट्रैप गैंग के ब्लैकमेलर पुलिसकर्मियों की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त हो गई। सोमवार को विशेष न्यायाधीश जेपी सिंह ने मामले में सुनवाई की। शासन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक केशव सिंह चौहान ने बताया, एसआई जय नलवाया, आरक्षक मनोज वर्मा, ताराचंद जाटव की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त हुई है।

इधर, हनीट्रैप गैंग के ब्लैकमेलर पुलिस कर्मी व दुराचार के आरोपी रामपुर थाने के पूर्व प्रभारी अपराध दर्ज होने को 6 दिन बीत चुके हैं। बावजूद आरोपी एसआई राजन सिंह गुर्जर तक पुलिस नहीं पहुंच पाई। आरोपी पुलिसकर्मियेां को ढूंढने में पुलिस की चाल काफी धीमी है।

10 अगस्त को हनीट्रैप गैंग के बर्खास्त चार पुलिस कर्मी के खिलाफ अपराध व महिला थाना होशंगाबाद में रामपुर थाने के पूर्व प्रभारी एसआई राजन सिंह गुर्जर के खिलाफ दुराचार, शारीरिक शोषण का अपराध दर्ज हुआ। ऐसे सवाल यह कि स इन्हें ढूंढने में पुलिस की इतनी देरी क्यों ?

हनीट्रैप गैंग के पुलिसकर्मियों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप

कोतवाली के पूर्व एसआई जय नलवाया, महिला प्रधान आरक्षक ज्योति मांझी, आरक्षक मनोज वर्मा, एसडीओपी ऑफिस के पूर्व आरक्षक ताराचंद जाटव आरोपी हैं। इन पर महिला सुनीता ठाकुर के साथ गैंग बनाकर झूठा केस दर्ज कराने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग का आरोप है। जानकारी के मुताबिक गैंग की सदस्य युवा, बुजुर्गों को फोन पर बातचीत या मिलने पर फोटो, वीडियो बनाती थी। फिर बर्खास्त पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच जाते थे या बाद में झूठी शिकायत कर केस दर्ज कराने की धमकी देकर रुपए मांगती थीं। गैंग के चारों पुलिसकर्मी भी पीड़ितों को थाने में शिकायत आने का हवाला देकर बयान के लिए बुलाते थे।

केस दर्ज होने से बचने के लिए रुपए के लिए ब्लैकमेल करते थे। कोतवाली थाने में पदस्थ रहने के दौरान इन पुलिसकर्मियों ने ब्लैकमेलिंग को अंजाम दिया। इस कार्य में चारों पुलिसकर्मियों ने कोतवाली थाने की सील का भी दुरुपयोग किया। विभागीय जांच में संलिप्ता मिलने पर डेढ़ माह पहले एसआई जय नलवाया को डीआईजी ने बर्खास्त किया व महिला प्रधानआरक्षक, दोनों आरक्षक को एसपी संतोष सिंह गौर ने बर्खास्त किया। 40 दिन बाद 10 अगस्त को चारों पुलिस कर्मी व महिला सुनीता ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

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जीवन भर साथ निभाने का वादा कर एसआई ने किया दुराचार

रामपुर थाने के पूर्व प्रभारी एसआई राजन सिंह गुर्जर।
रामपुर थाने के पूर्व प्रभारी एसआई राजन सिंह गुर्जर।

रामपुर थाने के पूर्व प्रभारी एसआई राजन सिंह गुर्जर पर इटारसी की38 वर्षीय विवाहित महिला का शारीरिक शोषण कर दूराचार का आरोप है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एसआई राजन गुर्जर इटारसी थाने में पदस्थ थे। तब वहां मेरी मुलाकात हुई। मोबाइल नंबर लेकर एसआई गुर्जर ने वाट्सएप पर दोस्ती की। पहले अश्लील मैसेज भेजे।

एतराज करने पर मुझे जीवन भर साथ रखने का वादा करने का भरोसा दिलाया। झांसे में लाकर एसआई गुर्जर ने शोषण किया। बाद में रामपुर थाना प्रभारी बनने के बाद दूरियां बना लीं। परेशान होकर पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत की। उक्त आधार पर पुलिस ने एसआई राजन सिंह गुर्जर के खिलाफ अपराध दर्ज किया।

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हनीट्रैप गैंग के चारों आरोपियों की अग्रिम जमानत निरस्त

हनीट्रैप गैंग की बर्खास्त एसआई जय नलवाया, आरक्षक मनोज वर्मा, ताराचंद जाटव की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को निरस्त हुई। गैंग की आरोपी महिला प्रधानआरक्षक ज्योति मांझी की अग्रिम जमानत भी चार दिन पहले निरस्त हो चुकी है।

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