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  • Rapid Test Of 20 Daily In Private Labs Of The City On Suspicion Of Dengue, 1 To 2 Report Positive, Yet .. Because ELISA Machine Closed, Rapid Test Sample Is Not Being Sent To Bhopal

रिकाॅर्ड में डेंगू 0:शहर की प्राइवेट लैब्स में डेंगू के संदेह में रोजाना 20 का रेपिड टेस्ट, 1 से 2 की रिपोर्ट पॉजिटिव, फिर भी..क्योंकि एलाइजा मशीन बंद, रेपिड टेस्ट का सैंपल भोपाल नहीं भेज रहे

हाेशंगाबाद4 दिन पहले
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जिला अस्पताल में बंद पड़ी एलाइजा रीडर मशीन। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में बंद पड़ी एलाइजा रीडर मशीन।

डेंगू का खतरा बढ़ रहा है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर लापरवाह नजर आ रहा है। जिला अस्पताल में डेेंगू की जांच के लिए हाेने वाला एलाइजा टेस्ट नहीं हाे रहा है। मशीन बंद हैं। अब तक इंस्टाॅल नहीं हुई। निजी पैथोलॉजी में राेज 15 से 20 लाेग डेंगू की जांच कराने पहुंच रहे हैं। निजी लैब में हर दिन एक से दाे लाेगाें की रिपाेर्ट डेंगू पाॅजिटिव आ रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे मान नहीं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियाें के मुताबिक रेपिड किट की जांच मान्य नहीं हाेती। यही कारण है एक भी सैंपल भाेपाल नहीं भेजा। शासकीय आंकड़ाें की मानें ताे जनवरी से सितंबर तक मलेरिया के 9 मरीज मिले। डेंगू का एक भी केस सामने नहीं आया।

गाैरतलब है कि जिले में सर्दी, खांसी और बुखार (वायरल) के मरीजाें की संख्या हर दिन बढ़ती जा रही है। सरकारी सहित निजी अस्पतालाें में लाेगाें की भीड़ लग रही है। इनमें 8 से 10 लाेग डेंगू की जांच भी करा रहे हैं। निजि पैथोलॉजी में प्रतिदिन करीब 15 से 20 मरीज डेंगू की जांच कराने भी पहुंच रहे हैं।

पिछले साल के मुकाबले वायरल के दाेगुने मरीज

जिला चिकित्सालय में ओपीडी में वायरल फीवर, सर्दी, खांसी के मरीजाें की संख्या पिछले साल के मुकाबले दाेगुनी हाे गई है। 2020 सितंबर में कुल 683 मरीज पहुंचे थे। इस साल 12 सितंबर तक ही ओपीडी में 635 मरीज पहुंच चुके हैं। 2020 अगस्त में 396 मरीज और 2021 अगस्त में 1011 लोग ओपीडी पहुंचे। 2020 जुलाई में 684 और 2021 जुलाई में 972 मरीज आए। हर साल जुलाई के बाद ही वायरल और सर्दी-खांसी के मरीजाें की संख्या बढ़ती है।

डेंगू का एलाइजा टेस्ट ही सरकारी आंकड़ाें में मान्य

निजी पैथोलॉजी संचालक डाॅ. जेपी मालवीय ने बताया डेंगू के राेज 8 से 10 मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। कुछ की रिपाेर्ट डेंगू पाॅजीटिव भी आ रही है। शासकीय चिकित्सालय में मरीज की एलाइजा जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि हाेती है। रेपिड जांच काे शासकीय आंकड़ाें में संभावति मरीज की श्रेणी में रखा जाता है। रेपिड जांच के बाद मरीज के ब्ल्ड सैंपल भाेपाल के शासकीय अस्पताल में एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा जाता है यदि रिपाेर्ट पाजीटिव आती है ताे मरीज में डेंगू राेग की पुष्टि मानी जाती है।

डेंगू पर प्रहार अभियान आज से होगा शुरू

स्वास्थ्य विभाग 15 सितंबर से डेंगू पर प्रहार अभियान शुरू कर रहा है। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने जिले में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया आदि के प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य, मलेरिया विभाग, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, पंचायत एवं नपा को अभियान के तहत लार्वा सर्वे ,फागिंग आदि निरोधक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ डॉ. प्रदीप मोजेस ने बताया घरों में छोटे कंटेनर, टंकियों, कूलर आदि में जल संग्रह करने के चलते डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसे रोगों को फैलाने वाले एडीज मच्छर का प्रजनन शुरू हो जाता है। घराें और आसपास जलजमाव नहीं हाेने दें। कूलर, टंकी, गमले, फूलदान, पुराने टायर, बेकार डब्बे, सकोरे, खाली प्लाट, गड्डों इत्यादि की सफाई नियमित करें।

जिला चिकित्सालय में डेंगू की जांच के लिए मशीन उपलब्ध है। पहले भी यह मशीन थी, लेकिन पुरानी मशीन खराब हाे गई थी, जिसके बाद नई मशीन बुलाई गई है। दाे-चार दिनाें में यह इंस्टाॅल हाे जाएगी। रेपिड टेस्ट से डेंगू की जांच मान्य नहीं है। डेंगू का एलाइजा टेस्ट ही मान्य है। फिलहाल वायरल बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। -दिनेश दहलवार, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल

जनवरी से सितंबर तक मलेरिया के 9 मरीज मिले है। मलेरिया के केस घटे हैं। डेंगू से बचने के लिए फॉगिंग की जा रही है। डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला। एलाइजा मशीन में जांच जल्द शुरू होगी। किट मंगाई है। -डॉ. अरुण श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी

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