विवाद:सोनासांवरी में दीवार उठाने का मामला, एसडीओ रेवेन्यू का स्टे आदेश यथावत

होशंगाबाद8 महीने पहले
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  • अपर कलेक्टर ने दिया आदेश, एसडीओ रेवेन्यू का स्टे यथावत रहेगा

सोनासांवरी पंचायत में सरपंच के खिलाफ सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण और निर्माण कार्य होने की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व इटारसी अपर कलेक्टर होशंगाबाद के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर स्टे के बावजूद दीवार निर्माण कार्य होने की शिकायत की।

दूसरी ओर न्यायालय अपर कलेक्टर होशंगाबाद ने 3 दिन पहले यह आदेश जारी कर दिया कि अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश अगली पेशी 28 अप्रैल 21 तक यथावत रहेगा। ज्ञात हाे कि इसी मामले में सोनासांवरी गांव के चंद्रशेखर भगौरिया की शिकायत पर 28 जनवरी 21 को एसडीएम कोर्ट से विवादित स्थल खसरा नंबर 118 पर अवैध निर्माण कार्य तत्काल बंद करने का स्थगन आदेश जारी किया गया था।

पूर्व में 16 जून 2015 को पटवारी की जांच में भी सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण किया जाना पाया गया था। इस मामले में सोमवार को थाने में चंद्रशेखर भगौरिया ने आवेदन भी दिया है, जिसमें गाली-गलौज करने की शिकायत है। वहीं पुलिस अब मामले की जांच करेगी।

तहसीलदार का ये प्रतिवेदन भेजा
इटारसी तहसीलदार ने 29 फरवरी 2021 को इस मामले का प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी रेवेन्यू इटारसी के समक्ष प्रस्तुत किया था। पटवारी के जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि सरपंच प्रीति पति दिलीप पटेल का पूर्व में रास्ते की भूमि पर अतिक्रमण था। विवादित रास्ते की भूमि न्यायालय अपर कलेक्टर होशंगाबाद के 3 जून 2017 को पारित आदेश के अनुसार आबादी भूमि घोषित हो चुकी है, हालांकि जांच में यह भी पाया गया कि इसमें अतिक्रमण से बचने के लिए प्रभारी सरपंच ने इसकी अनुशंसा की थी।

एडीएम ने केस फाइल बुलवाई है : एसडीएम
इस मामले में इटारसी एसडीओ रेवेन्यू मदन सिंह रघुवंशी ने कहा कि होशंगाबाद एडीएम ने जांच के लिए केस फाइल बुलवाई है। उक्त भूमि पर निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।

  • इटारसी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से जो स्टे जारी हुआ था, वह 25 मार्च को अपर कलेक्टर कोर्ट से खारिज हो गया था। हमारे घर से लगी जमीन अब सरकारी रास्ता नहीं बल्कि आबादी भूमि में परिवर्तित हो गई है। - प्रीति पटेल सरपंच, सोनासांवरी
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