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  • The Administration Does Not Know Whose Cattle On The Road, 4 Accidents In 7 Days, 5 Cows Killed, Many Injured, One Constable And Another Injured After Colliding With Cattle, Yet No Action Is Taken Against Cattle Owners

9 साल से टैगिंग बंद:प्रशासन को नहीं मालूम सड़क पर मवेशी किसके, 7 दिन में 4 हादसे, 5 गाेवंश की मौत, कई चोटिल, मवेशियों से टकराकर एक आरक्षक और एक अन्य घायल, फिर भी पशुपालकों पर कार्रवाई नहीं

हाेशंगाबाद3 महीने पहले
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मालाखेड़ी चौराहे पर लगा मवेशियों का जमावड़ा। बाइक चालक इनसे टकराकर घायल हो रहे हैं। - Dainik Bhaskar
मालाखेड़ी चौराहे पर लगा मवेशियों का जमावड़ा। बाइक चालक इनसे टकराकर घायल हो रहे हैं।

शहर में सड़काें, मैदानाें और गली-माेहल्लाें में आवारा गाेवंश लोगों के लिए मुसीबत बने हैं। गाेवंश काे सड़काें से हटाना तो दूर 9 साल से इनकी टैगिंग तक नहीं की गई है। नपा ने न तो शहर में पशुपालक चिन्हित किए और न ही पशुपालन विभाग ने पशुपालकाें की गणना की है। नतीजा- सड़कों पर मवेशियों का डेरा है। प्रशासन को पता ही नहीं है कि सड़क पर घूम रहे मवेशियों के मालिक कौन हैं। उप संचालक पशुपालन विभाग डाॅ. जितेंद्र कुल्लहारे ने बताया 2012 की गणना के मुताबिक जिले में 4 लाख 32 हजार मवेशी और 53 हजार पशुपालक हैं।

शहर में सिर्फ 2 गोशाला

शहर में केवल दाे गाेशालाएं है जाे कि मुख्यमंत्री सहायता याेजना से बनाई गई हैं। उक्त गाेशालाओं में 100 पशुओं की रखने की क्षमता है। जबकि शहर में बड़ी संख्या में आवारा मवेशी हैं। पशुपालकाेंं काे चिह्नित कर लिया जाए ताे जुर्माना वसूला जा सकता है। नपा का हांका दल गोवंश को एकसाथ जंगल में छोड़कर आता है। कई मवेशी फिर शहरी क्षेत्र में लौट आते हैं। यदि निश्चित स्थान मवेशियाें के रखने के लिए बना दिए जाएं ताे मवेशी लाैटकर नहीं आएंगे।

नपा के पास नहीं पशुपालकों का आंकड़ा

नपा के पास शहर के पशुपालकाें की गणना का काेई आंकड़ा नहीं है। शहर के आवारा गाेवंश काे पकड़कर गाेशाला में बंद करने और शहर के बाहर करने का कार्य जारी है। नपा टीम शहर की सड़कों पर बैठे गोवंश को पकड़कर शिफ्ट कर रही है। -डाॅ. प्रशांत जैन, कार्यालय अधीक्षक नपा

पहचन के लिए यूनिक काेड नंबर पंजीयन

प्रदेश में सभी मवेशियों का पहचान के लिए यूनिक काेड नंबर के पंजीयन किया है। इससे पहचान आसानी से हाेती है। जिले में ऐसा क्याें नहीं हाे रहा है। इसकाे लेकर नपा और पशुपालन विभाग से जानकारी ली जाएगी। सड़काें पर मवेशी ना रहे इसके लिए भी प्रयास हाेंगे। -नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर

फजीहत : आम लोगों से लेकर दुकानदार तक परेशान

  • राजा माेहल्ला निवासी हितेश थुदगर ने बताया माेहल्ले की संकरी गलियाें में मवेशियाें के कारण आवागमन में परेशानी हाेती है। कई बार मवेशी आपस में लड़ते हैं, जिससे उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त हाे रहे हैं।
  • बस स्टैंड के पान मसाला के थोक व्यवसायी मुकेश बाथरे ने बताया कि उनकी दुकान के सामने आवारा श्वान और गाय,बैल बैठते हैं दिन में भी कई बार मवेशियाें काे खदेड़ना पड़ता है। दुकान के सामने गोबर पड़ा रहता है।
  • हाउसिंगबाेर्ड निवासी ज्ञान सिंह ने बताया माेहल्ले में उत्कृष्ट सड़क पर दाेनाें ओर बड़ी संख्या में मवेशी खड़े रहते हैं। जिसके कारण यहां आवागमन बाधित हाेता है। कई बार मवेशियाें के कारण यहां सड़क दुर्घटनाएं भी हाेती हैं।

सुरक्षा के लिए गोवंश के सींगों पर लगाए रेडियम

​​​​​​​राष्ट्रवादी युवा वाहिनी ने गोवंश के सींगाें पर रेडियम लगाए। इससे एक्सीडेंट व अन्य दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। इस दाैरान अजय वर्मा, गोलू राजपूत, शेखर पाल, विमल मीणा, राजेंद्, बानी कटारिया, छोटू, दीपक शर्मा, सतीश कलोसिया, सागर सहित अन्य मौजूद रहे।

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