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कागजों में गोरक्षा की बात:फोरलेन के बगवाड़ा बायपास पर वाहन ने 4 गाेवंश रौंदे, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

हाेशंगाबाद13 दिन पहले
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होशंगाबाद| फोरलेन के बगवाड़ा बायपास मार्ग पर क्षत-विक्षत हालत में पड़े गोवंश के शव। - Dainik Bhaskar
होशंगाबाद| फोरलेन के बगवाड़ा बायपास मार्ग पर क्षत-विक्षत हालत में पड़े गोवंश के शव।
  • 7 निजी और मुख्यमंत्री याेजना में बनाई 15 गोशाला, फिर भी सड़कों पर गाेवंश

शहर सहित स्टेट हाइवे, नेशनल हाइवे, कॉलोनियों की सड़काें पर गाेवंश का जमावड़ा रहता है। बारिश में सड़कों पर गाेवंश की संख्या अधिक बढ़ जाती है। गोसेवा और गोवंश की रक्षा की बात केवल कागजों में ही है। हकीकत में गोवंश सड़कों पर हैं। जिले में 7 निजी और 15 मुख्यमंत्री याेजना के तहत बनाई गईं गोशाला का उपयोग नहीं हो रहा है।

शनिवार-रविवार रात अज्ञात वाहन ने इटारसी-औबेदुल्लागंज फाेरलेन पर बुदनी के जाेशीपुर और बगवाड़ा की डायवर्ट तीन किमी बायपास सड़क पर 4 गाेवंश राैंद दिए। गाेवंश की आंतें तक बाहर निकल आईं। गोवंश के क्षत-विक्षत शव देखकर ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित ग्रामीणाें ने रविवार काे काफी देर तक बायपास सड़क पर चक्काजाम किया।

शासन-प्रशासन गाेवंश की रक्षा और सुरक्षा की बात ताे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जिले में 6 से 7 हजार से अधिक गाेवंश का सड़कों पर डेरा रहता है। इनके कारण बाजाराें, गलियाें और मुख्य मार्गाें पर आवागमन भी बाधित हाेता है। साथ ही गाेवंश दुर्घटना का शिकार भी हाेते हैं।

सड़क बेहद खराब, बघवाड़ा में अक्सर हाेती रहती हैं दुर्घटनाएं

बगवाड़ा के निवासी दीपक यादव ने बताया फाेरलेन से डायवर्ट की गई बायपास सड़क जर्जर है। सड़क बहुत गड्ढे हैं। इसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हाेती हैं। हर दूसरे दिन गोवंश सहित अन्य मवेशी सड़क पर दुर्घटना का शिकार हाे रहे हैं। शनिवार रात 4 मवेशियाें को बुरी तरह से अज्ञात वाहन ने राैंद दिया। आक्राेशित ग्रामीणाें ने चक्काजाम किया। मृत मवेशियाें काे जेसीबी की मदद से उठाना पड़ा।

शहर की सड़कों पर भी गोवंश का डेरा

शहर की सड़कों पर गाेवंश का डेरा रहता है। नेशनल हाइवे पर इटारसी राेड, रसूलिया, मालाखेड़ी रोड, हरदा रोड, बुदनी राेड, स्टेट हाइवे पर बाबई राेड से पिपरिया तक आवारा मेवशी सड़काें पर रहते हैं। प्रतिदिन यहां दुर्घटनाएं हाेती हैं। बाजाराें और मुख्य मार्गाें पर गाेवंश सड़कों पर बैठे रहते हैं। बारिश में कीचड़ के कारण गोवंश पक्की सड़क पर बैठते हैं। हाउसिंग बाेर्ड उत्कृष्ट सड़क पर हरियाली चाैक से बड़े हनुमान मंदिर तक गाेवंश सड़क पर बैठे रहते हैं।

पशुपालक खुला छोड़ देते, चारागाह भी नहीं

जिले में मुख्यमंत्री याेजना के तहत नई गाेशालाओं का निर्माण कार्य चल रहा है। 15 से अधिक मुख्यमंत्री याेजना की गाेशाला हैं और 7 निजी गाेशाला संचालित हैं। जिले में 6 हजार से 7 हजार आवारा गाेवंश है। इन्हें पशुपालक खुला छाेड़ते हैं। गाेवंश के लिए अब चारागाह भी नहीं बचे हैं। इस कारण ये हाल हैं।
जितेंद्र कुल्हारे, उपसंचालक पशुचिकित्सा

नपा टीम गोशाला पहुंचा रही गोवंश

शहर में दाे गाेशालाएं हैं। बीटीआई गाेशाला संचालित है और हाउसिंगबाेर्ड गाेशाला का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया है। शहर में आवारा गाेवंश काे पकड़ने के लिए टीम लगाई है, जाेकि मवेशियाें काे निरंतर पकड़कर गाेशाला पहुंचा रही है। पशुपालकाें से भी मवेशियाें काे बांधकर रखने का आग्रह है।
आरसी शुक्ला, कार्यपालन यंत्री नपा

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