नर्मदा किनारे पर्यटन की संभावनाएं, जरूरत है बदलाव की:जिले में पर्यटन बढ़ाने सेठानीघाट पर हाे रहा प्लान, महाआरती हाेगी दिन

हाेशंगाबाद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पर्यटन घाट पर टूटे टाइल्स। - Dainik Bhaskar
पर्यटन घाट पर टूटे टाइल्स।
  • प्लान- सेठानी घाट पर नित्य महाआरती, पर्यटन घाट पर मुक्ताकाश मंच बनेगा
  • सवाल- श्रद्धालु जाम में फंसेंगे, पार्किंग नहीं मिलेगी तो कैसे बढ़ेगा पर्यटन

प्रशासन ने हाेशंगाबाद जिले काे सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने का प्लान बनाया है। इसमें पचमढ़ी, मढ़ई, तवा और हाेशंगाबाद के नर्मदा घाटाें का चयन किया है। सेठानी घाट को खास टूरिस्ट स्पॉट और पर्यटन घाट पर मुक्ताकाश मंच बनाने की तैयारी है। यहां स्थानीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

सेठानी घाट पर नित्य महाआरती, संगीत संध्या के अलावा हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। एक जिला-एक उत्पाद में जिले का पर्यटन शामिल तो किया गया है लेकिन सुविधाओं की कमी है। शहर का अव्यवस्थित यातायात, नर्मदा किनारे और घाटों पर फैली गंदगी, पार्किंग की समस्या प्रशासन के इस अच्छे प्लान में मुश्किल खड़ी करेगी।

सेठानी घाट पर पार्किंग की सुविधा नहीं है। मंदिरों के सामने वाहन खड़े होते हैं। ट्रैफिक जाम की समस्या हर शाम को रहती है। हालांकि प्रशासन और नपा अधिकारियों का दावा है- सेठानी घाट पर होने वाले विकास के लिए आर्किटेक्ट की मदद से प्लान तैयार किया जा रहा है। दाे दिन में प्लान तैयार कर कलेक्टर काे अनुमाेदन के लिए भेजा जाएगा। सीएमओ माधुरी शर्मा, कार्यपालन यंत्री आरसी शुक्ला, उपयंत्री आयुषी रिछारिया सहित नपा का अमला सेठानीघाट पर हाेने वाले कामाें का प्लान बना रहा है।

यह कमियां, जो खड़ी करेंगी दिक्कतें

पार्किंग: नर्मदा दर्शन को आने वाले श्रद्धालु और परिक्रमावासी वाहन खड़े करने के लिए परेशान होते हैं। समाधान : सेठानीघाट, एकता चौक के पास नगरपालिका व्यवस्थित पार्किंग बनाए।

ट्रैफिक: एकता, सराफा चौक से झंडा चौक तक अस्थायी अतिक्रमण और वाहन खड़े रहते हैं। जाम लगता रहता है।

समाधान : सराफा चौक से झंडा चौक, कोरी घाट से एकता चौक तक वन-वे रूट हो।

मवेशी: सेठानी घाट और हर घाट पर मवेशियों का डेरा रहता है। गोवंश के कारण लोगों को खतरा है। समाधान : नपा अमला काउकैचर की व्यवस्था करे। सड़कों पर घूम रहे गोवंश को गोशाला में भेजें। गंदगी: नर्मदा घाट पर पूजन सहित विजर्सन सामग्री फैली रहती है। गोबर, मिट्‌टी घाटों पर रहती है।

समाधान : नर्मदा घाटों पर शिफ्टों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। सख्त निगरानी हो। सुरक्षा: पूरे घाटाें पर सीसीटीवी नहीं है। लोगों का सामान चोरी होने पर चोर को पकड़ना मुश्किल होगा। समाधान : मुख्य चौराहों, स्थानों पर सीसीटीवी की क्वॉलिटी बढ़ाई जाए। चेंजिंग रूम: सेठानीघाट पर महिलाअाें के लिए कपड़े बदलने चेंजिंग रूम अाैर मातृत्व कक्ष की कमी है। समाधान : घाटों पर चेंजिंग रूम फिर व्यवस्थित रूप से लगाए जाएं। लाॅकर्स की सुविधा भी मिले। ट्रांसपोर्ट और किराया: रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड पर पहुंचने पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं। ऑटाे का किराया तय नहीं। समाधान : स्टेशन, बस स्टैंड पर ट्रैफिक बूथ बने। टूरिस्ट इंक्वायरी सेंटर बनाकर किराया सूची लगे। पॉलीथिन: नर्मदा में पॉलीथिन, साबुन, शैंपू के उपयोग पर पूरी तरह से रोक नहीं है। दुकानों पर पॉलीथिन में सामान दिया जाता है। समाधान : आरती के बाद संकल्प दिलाया जाए। कथावाचक साबुन, शैंपू का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक करें।

भास्कर सुझाव- वने-वे रूट ही ट्रैफिक से निजात का विकल्प

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड से श्रद्धालु बिना परेशानी के सेठानी घाट पहुंच सके इसके लिए वन-वे ट्रैफिक करना जरूरी है। सराफा चौक से झंडा चौक जाने का रास्ता हो। वहीं झंडा चौक से कोरी घाट होते हुए एकता चौक से वाहन बाहर निकाले जाएं। सराफा चौक से एकता चौक के बीच वन-वे रूट (सेठानी घाट जाने का) हो।

नपा यह काम कराएगी

सेठानीघाट काे पाॅलीथिन मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा। कथा और पूजन करने वाले लाेगाें के लिए तय हाेगा स्थान, पार्किंग और दुकानदाराें के लिए स्थान हाेगा आरक्षित, सीढ़ियाें काे फिर से ठीक किया जाएगा। सेठानीघाट की पुताई के साथ पूरे घाट पर सीसीटीवी कैमरे, हाईमास्क लाइट लगाने का काम हाेगा।

सेठानीघाट पर पाॅलीथिन का उपयाेग 1 दिसंबर से सख्ती से बंद कराएंगे। दुकानदाराें काे हिदायत दी है। नपा अमला अब 24 घंटे तैनात रहेगा। शैंपू और साबुन उपयोग करने वालों पर जुर्माना होगा। घाट पर टूटे फ्लोर सुधारने और लाइटिंग का काम चल रहा है। पेंटिंग की जा रही है। माधुरी शर्मा, सीएमओ

खबरें और भी हैं...