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होशंगाबाद का हनीट्रैप मामला:ब्लैकमेलर सब इंस्पेक्टर और आरक्षक को नहीं पकड़ पाई कोतवाली पुलिस, हाईकोर्ट मिली जमानत, बर्खास्त दो पुलिसकर्मियों की याचिका पेडिंग, एसपी ने पकड़ने बनाई टीम

होशंगाबाद4 महीने पहले
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आरोपी SI जय नलवाया और आरक्षक मनोज वर्मा को मिली जमानत। - Dainik Bhaskar
आरोपी SI जय नलवाया और आरक्षक मनोज वर्मा को मिली जमानत।

होशंगाबाद में हनीट्रैप गैंग बनाकर लाेगाें काे ठगने और खाकी वर्दी को दागदार करने वाले फरार चल रहे ब्लैकमेलर बर्खास्त पुलिसकर्मियों को ढूंढने में कोतवाली पुलिस नाकाम रही। आरोपी पुलिसकर्मियों को पकड़ने में पुलिस के तमाम प्रयास फेल हो गए। आखिर में फरार चल रहे गैंग के सरगना बर्खास्त सब इंस्पेक्टर (SI) जय नलवाया और आरक्षक मनोज वर्मा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई। अग्रिम जमानत के आदेश दोनों ने कोतवाली थाने में जमा कर दिए। गैंग के दो सदस्य महिला प्रधानआरक्षक ज्योति मांझी और आरक्षक ताराचंद जाटव की अग्रिम जमानत याचिका अभी पेंडिग है। संभवत: दोनों को भी अग्रिम जमानत मिल जाएगी। इधर एसपी ने प्रधानआरक्षक ज्योति मांझी और आरक्षक ताराचंद जाटव को पकड़ने टीम बनाई है।

10 अगस्त को फरार पुलिसकर्मियों के ऊपर गैर जमानती धाराएं में केस दर्ज किया। आरोपियों ने पहले काेर्ट से जमानत भी लेने के प्रयास किया, लेकिन जमानत निरस्त हाे गई। बाद में फरार हो गए और अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए। पुलिस का आरोपियों तक नहीं पहुुंच पाना महकमे के लिए बड़ी किरकिरी हुई।

हनीट्रैप गैंग के पुलिसकर्मियों पर ब्लैकमेलिंग के आरोप

कोतवाली के पूर्व एसआई जय नलवाया, महिला प्रधान आरक्षक ज्योति मांझी, आरक्षक मनोज वर्मा, एसडीओपी ऑफिस के पूर्व आरक्षक ताराचंद जाटव आरोपी हैं। आरोपी पुलिसकर्मियों ने सुनीता ठाकुर के साथ मिलकर हनीट्रैप गैंग बनाई थी। गैंग की महिला सुनीता ठाकुर युवा, बुजुर्गों को फोन पर बातचीत या मिलकर फोटो, वीडियो बनाती थीं। फिर बर्खास्त पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच जाते थे या बाद में झूठी शिकायत कर केस दर्ज कराने की धमकी देकर रुपए मांगती थीं। गैंग के चारों पुलिसकर्मी भी पीड़ितों को थाने में शिकायत आने का हवाला देकर बयान के लिए बुलाते थे। पुलिस केस से बचने के लिए रुपए के लिए ब्लैकमेल करते थे। कोतवाली थाने में पदस्थ रहने के दौरान इन पुलिसकर्मियों ने ब्लैकमेलिंग को अंजाम दिया। इस कार्य में चारों पुलिसकर्मियों ने कोतवाली थाने की सील का भी दुरुपयोग किया। विभागीय जांच में संलिप्ता मिलने पर डेढ़ माह पहले एसआई जय नलवाया को डीआईजी ने बर्खास्त किया व महिला प्रधानआरक्षक, दोनों आरक्षक को तत्कालीन एसपी संतोष सिंह गौर ने बर्खास्त किया। 40 दिन बाद 10 अगस्त को चारों पुलिस कर्मी व महिला सुनीता ठाकुर के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ।

खबरी नेटवर्क, तकनीक भी काम नहीं आ रही

काेतवाली पुलिस फरार पुलिस वालाें काे पकड़ने के लिए सारे तरीके अपना चुकी है। आरोपी पुलिस के तरीकाें से वाकिफ हैं इसलिए चुनौती बने हैं। पुलिस ने घर पर दबिश दी। माेबाइल लाेकेशन का सहारा लिया। काॅल डिटेल की जांच की। साथ ही पुलिस के खबरी नेटवर्क काे सक्रिय किया गया। फाेटाे लेकर भी तलाश किया गया, लेकिन वे हाथ नहीं आ रहे हैं।

आरोपी पुलिस कर्मियों को पकड़ने इनाम है घोषित

FIR के बाद से से 4 पुलिसवालाें काे हाेशंगाबाद पुलिस दाे महीने से पकड़ने में नाकाम रही। जिसके बाद एसपी ने 3 दिन पहले चाराें पुलिसवालाें पर 5 हजार रुपए का इनाम घाेषित किया है। ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराध के 4 आरोपी पुलिसकर्मियों पर सिर्फ 5 हजार रुपए का इनाम रखा गया।

तीन पुलिसकर्मी महिला के साथ थाने से चला रहे थे गैंग, होटल में युवाओं के वीडियो बनाकर करते थे वसूली

गैर जमानती धाराएं लगी, पकड़े गए तो जेल जाना पड़ेगा

फरार पुलिसकर्मियों के ऊपर गैर जमानती धाराएं हैं। इसलिए उन्हें किसी हालात में नहीं बख्शा जाएगा। अाराेपियाें ने पहले काेर्ट से जमानत भी लेने के प्रयास किया, लेकिन जमानत निरस्त हाे गई। बाद में त्याेहार मनाने के लिए भागते रहे। अब वे गिरफ्तार हाेंगे ताे सीधे जेल जाएंगे, लेकिन इसके पहले ब्लैकमेलिंग की पूरी कहानी पुलिस काे बताना हाेगा।

हनीट्रैप गैंग के ब्लैकमेलर पुलिसकर्मियों की जमानत निरस्त:केस दर्ज होने के बाद से फरार है खाकी पर दाग लगाने वाले पुलिसकर्मी, आरोपी को ढूंढने में पुलिस की कार्रवाई ठंडी

फरार बर्खास्त दो पुलिसकर्मियों को पकड़ने

एसपी गुरकरन सिंह ने बताया ब्लैकमेलर गैंग के दो आरोपी एसआई जय नलवाया व आरक्षक मनोज वर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिली है। फरार महिला प्रधानआरक्षक, आरक्षक दोनों को पकड़ने टीम बनाई है। मुखबिर से आरोपियों की सूचना मिली है। लोकेशन के आधार पर टीम को रवाना किया है।

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