जिले में यूरिया आपूर्ति की रफ्तार हाथ में साइकिल जैसी:यूरिया की डिमांड 1 लाख मीट्रिक टन, मिला 11% ही

हाेशंगाबाद2 महीने पहले
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यह तस्वीर पिपरिया की है। किसान को बुधावार को यूरिया की एक बोरी मिली। वह उसे ही साइकिल पर लेकर चल दिया। - Dainik Bhaskar
यह तस्वीर पिपरिया की है। किसान को बुधावार को यूरिया की एक बोरी मिली। वह उसे ही साइकिल पर लेकर चल दिया।

जिले में इस समय तक यूरिया की डिमांड 1 लाख मीट्रिक टन है, अभी तक सिर्फ 10 हजार 811 मीट्रिक टन यूरिया किसानों को मिल पाया है। यानी महज 11 प्रतिशत यूरिया अब तक मिला है। जिले में यूरिया आपूर्ति की रफ्तार हाथ में साइकिल सी है। सोसाइटी और विपणन संघ के डबललाॅक गोदाम से एक किसान को एक एकड़ पर दो बोरी यूरिया मिल रहा है। इसमें एक बोरी डीएपी है। जरूरत एक एकड़ पर तीन बोरी की है।

किसानों को सलाह- एनपीके का उपयोग करें

कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से यूरिया की उपलब्धता, वितरण और अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने किसानों से सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) और एनपीके का उपयोग ज्यादा करने की अपील की है। कलेक्टर ने सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता के अनुसार कम पानी से पकने वाली फसलों के लिए किसानाें काे प्रेरित किया है। उप संचालक कृषि जे आर हेडाउ ने बताया एसएसपी डीएपी से सस्ता तथा आसानी से मिलता है।

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