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आशा/ऊषा कार्यकर्ता आज से अनिश्चित हड़ताल पर:नियमितिकरण, वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू, वैक्सीनेशन के महाअभियान पर पड़ेगा असर

होशंगाबाद3 महीने पहले
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आशा, ऊषा कार्यकर्ता, आशा सहयोगियों की पीपल  चौक पर हड़ताल जारी। - Dainik Bhaskar
आशा, ऊषा कार्यकर्ता, आशा सहयोगियों की पीपल चौक पर हड़ताल जारी।

नियमितिकरण, वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर जिले में आशा एवं ऊषा कार्यकर्ताओं की 18 जून शुक्रवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जा रही है। दोपहर 12 बजे से जिला मुख्यालय पर पीपल चौक पर आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता, सहयोगियों की हड़ताल शुरू हुई। आशा कार्यकर्ता, सहयोगियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी कर रहे है। अनिश्चित हड़ताल का असर 21 जून से शुरू हो रहे कोविड वैक्सीनेशन के महाअभियान पर पड़ेगा। 21 जून के बाद भी हड़ताल जारी रहेंगी तो आशा कार्यकर्ता, सहयोगियों के बगैर स्वास्थ्य विभाग कैसे अभियान सफल बनाएगा।

आशा, ऊषा, आशा सहयोगी संयुक्त मोर्चा मप्र के आव्हान पर होशंगाबाद जिला इकाई अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जा रही है। जिला अध्यक्ष चंपा कीर, महासचिव बबिता चौबे ने बताया कोरोना महामारी में आशा कार्यकर्ता अपनी जान जोखिम में डाल काम कर रही। संक्रमिताें के घर-घर जाकर जानकारी लेना, संक्रमिताें के संपर्क में जाकर उन्हें दवाई बांटने काम आशा कार्यकर्ता कर रही। छुट़्टी होने के बावजूद रविवार को भी काम किया जाता। बदले में मप्र सरकार केवल 2000 रुपए का वेतन देकर आशा, ऊषा कार्यकर्ता, सहयोगियों का अमानवीय शोषण कर रही। उन्होंने बताया 12 सूत्री मांगों लेकर 16 जून को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर कार्यालय, सीएमएचओ सहित सभी विभागाें में सूचना दी। शुक्रवार से हड़ताल शुक्रवार दोपहर 12 बजे से हड़ताल शुरू हुई है। जिसमें होशंगाबाद, पिपरिया, बनखेड़ी, इटारसी, सोहागपुर, सिवनीमालवा की आशा, ऊषा व सहायिकाएं शामिल हुई है।

यह है मांगे

  • आशा कार्यकर्ता, सहयोगियों को कर्मचारी के रुप में नियमित किया जाएं।
  • आशाओं को 18हजार व सहयोगियों को 24 हजार रुपए न्यूनतम वेतन दिया जाएं।
  • कोविड वैक्सीनेशन की ड्यूटी में कार्यरत सभी आशा व सहयाेगियों को निर्धारित राशि का तुरंत भुगतान हों।
  • कोरोना के खिलाफ अभियान के दौरान जान गंवाने वाले कोरोना योद्धा आशा कार्यकर्ताओं के परिवार को शासन द्वारा उपकरण के लिए विशेष भत्ता उपलब्ध किया जाएं।
  • आशा एवं सहयोगियों के आकस्मिक समस्याएं, दुर्घटना, बीमारी, प्रसव एवं अन्य परिस्थितियों में शासकीय कर्मियों की तरह संवैतानिक अवकाश दिया जाएं।
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