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किसान परिवार ने कोरोना को 8 दिन में दी मात:पति-पत्नी शुगर पेशेंट्स, बेटा भी संक्रमित; तीनों ने पहले यह भुलाया कि काेविड सेंटर में हैं, दिमाग को सिर्फ खेती की प्लानिंग में लगाए रखा

बैतूल/धर्मेंद्र दीवान2 महीने पहले
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बैतूल के शाहपुर के कोविड सेंटर में भर्ती किसान परिवार ने बनाए रखा आत्मविश्वास। - Dainik Bhaskar
बैतूल के शाहपुर के कोविड सेंटर में भर्ती किसान परिवार ने बनाए रखा आत्मविश्वास।

बैतूल के शाहपुर में किसान परिवार ने आठ दिन में ही कोरोना को मात दे दी और कोविड सेंटर से डिस्चार्ज हो गए। उन्होंने कोविड सेंटर को प्लानिंग सेंटर बना लिया और दिमाग में बुरे ख्याल लाने के बजाय यह सोचते रहे कि आगे खेती को कैसे प्लान करना है। पॉजिटिव थिंकिंग करते रहे जबकि पति-पत्नी दोनों शुगर के पेशेंट हैं। जब बेटा भी संक्रमित हो गया तो पहले घबराहट हुई लेकिन तीनों ने बातचीत कर सबसे पहले उसे भुला दिया कि वे संक्रमित हैं। मेहतो दंपती और बेटा कोरोना से जंग जीतकर घर लौट आए हैं और अब होम आइसोलेशन में हैं। इस दौरान वे लगातार डॉक्टर्स की सलाह का ध्यान भी रखते रहे।

बेटे शिवम मेहतो ने बताया परिवार में हमारी चाची का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था। इसलिए हम तीनों ने 10 अप्रैल को कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया। 11 अप्रैल को मुझे और मम्मी, पापा को शाहपुर के कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया। वहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा इलाज व देखरेख की गई। हमने भी नियमित रूप से डॉक्टर्स द्वारा बताए गए नियमों का पालन किया। 18 अप्रैल को सैंपल नेगेटिव आने पर हमें डिस्चार्ज किया गया और स्वस्थ घर वापस आ गए।

पति, पत्नी शुगर के मरीज, इसके बावजूद नहीं छोड़ी हिम्मत

कृषक परिवार के शिवम मेहतो ने बताया मम्मी और पापा दोनों शुगर के मरीज है। दोनों ने भर्ती होने के बाद सेंटर में हिम्मत नहीं छोड़ी। पॉजिटिव चीज, काम के बारे में सोचने में दिमाग लगाया। अपने दिमाग से भुला दिया कि हम लोग कोविड सेंटर में भर्ती है।

पति और बेटे के पॉजिटिव होने से टूटी हिम्मत, स्वास्थ्य कर्मियों ने बढ़ाया हौसला

महिला रेखा मेहतो ने बताया कि मैं, मेरे पति और बेटा तीनों की एक साथ पॉजिटिव रिपोर्ट आई। हमें 11 अप्रैल को कोविड सेंटर में भर्ती कर दिया गया। मेरे साथ पति और बेटे की पॉजिटिव रिपोर्ट से हिम्मत टूट रही थी और मन में कोरोना बीमारी के प्रति भय समाया था। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉ. गजेंद्र यादव, डॉ. अक्षय सवाईतुल, तीनों पारियों की स्टॉफ नर्सेस रेखा यादव, शक्तिमाला लाजरस, अल्का पाल, सफाईकर्मी शिवम बागड़े द्वारा दिए उपचार, की गई देखरेख एवं हौसला अफजाई से हमारी उम्मीद जागी और हम कोरोना से जंग जीत गए। 18 अप्रैल मंगलवार को इन्हें शाहपुर के कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज किया गया।

दंपती और बेटा दूसरों को कर रहे जागरूक

मेहतो दंपति और उनका बेटा कोरोना से जंग जीतने के बाद अब दूसरों को जागरूक कर रहे हैं। वह सभी से अपील कर रहे हैं कि आत्मविश्वास, हिम्मत बनाए रखें। कोरोना खुद ब खुद हार जाएगा। लक्षण होने पर कोरोना की जांच कराएं। पॉजिटिव होने के बाद डरें बिल्कुल भी नहीं। अगर आप अपने ऊपर ही विश्वास नहीं करेंगे तो कोरोना आप पर भारी पड़ेगा। ऐसे में विश्वास बनाए रखें कि आपकी कोरोना पर जीत होगी। जो लोग पॉजिटिव सोच रख रहे हैं। दूसरों को कोरोना से लड़ने के लिए जागरूक कर रहे हैं।

मास्क, सोशल डिस्टेंस रखे और घरों से बेवजह न निकलें

कोरोना से लड़ने का एक ही उपाय है आप मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंस का पालन करें और बेवजह घरों से न निकलें। बार-बार हाथ साबुन से धोएं या सैनेटाइज करें। आत्मविश्वास बनाएं रखें, खुद को अकेला महसूस न करें, समय-समय पर दवाई लें। नेगेटिव चीजों की तरफ ध्यान न दें।

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