किसान नाराज / गेहूं खरीदी काे लेकर केंद्र पर हंगामा, सैंपल देखकर पुलिस और खाद्य अधिकारियाें ने शुरू कराई खरीदी

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  • एफएक्यू के मापदंड पूरे नहीं हाेने से नहीं हाे रही थी गेहूं खरीदी, बाद में शुरू कराई

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:01 AM IST

रानीपुर. समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी को लेकर रानीपुर समिति में एफएक्यू औैर 70 प्रतिशत चमक विहीन गेहूं लेने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। इससे किसान नाराज हाे गए। किसानाें ने माैके पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि गेहूं खरीदा जाए तो सभी किसानों का अन्यथा किसी का भी नहीं। इससे तनावपूर्ण स्थिति बन गई। खरीदी भी बंद हाे गई। प्रबंधक की सूचना पर पुलिस व फूड विभाग के अधिकारियाें ने माैके पर पहुंचकर किसानों से चर्चा की। फूड विभाग के अधिकारियाें गेहूं के सैंपल देखे। इसके बाद केंद्र पर खरीदी शुरू हाे सकी।  

शुक्रवार काे किसान अपनी उपज लेकर आए  थे। यहां पर समिति 70 फीसदी चमकविहीन गेहूं नहीं ले रही थी। क्योंकि एफसीआई चमकविहीन गेहूं काे खरीदने के बावजूद वापस लाैटा रहा था। इससे समिति के पदाधिकारी भी परेशान हाे रहे थे। नाराज किसानाें ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी देर तक प्रदर्शन चला। समझाइश के बावजूद नहीं मानने पर प्रबंधक ने पुलिस थाने औैर फूड विभाग के अधिकारियाें काे इसकी सूचना दी। इस पर अधिकारियाें ने माैके पर पहुंचकर व्यवस्था बनाई। इससे केंद्र पर खरीदी शुरू हाे सकी। 

8 किसानों के सैंपल फेल 
समिति प्रबंधक की सूचना पर फूड विभाग के केके टेकाम रानीपुर खरीदी केंद्र पहुंचे। किसानों से चर्चा की। किसानों के गेहूं के सैंपल देखे। उन्हाेंने 27 किसानों की गेहूं खरीदने के लिए समिति प्रबंधक को आदेश दिए औैर 8 किसानों के सैंपल फेल कर दिए। 

सीएम ने 4 मई को आदेश जारी किए थे 
किसान बाेले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चाैहान ने चार मई काे 70 प्रतिशत चमकविहीन गेहूं भी खरीदने के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद समितियां ऐसा गेहूं नहीं खरीद रहीं।  समिति पर खरीदी का काेई मापदंड नहीं है। अंदाजे से बिना मापदंड खरीदी करने पर कभी 70 प्रतिशत से अधिक चमकविहीन ले लिया जाता है, जिसे एफसीआई समितियों को वापस कर देती है।ऐसे में किसानाें का भुगतान अटक जाता है। किसानों का कहना है कि एफसीआई औैर समितियाें में तालमेल नहीं है। इस कारण किसानाें काे परेशान हाेना पड़ता है। 

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